पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। राज्य के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहा है। विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बाद अब पूरे बंगाल में शपथ ग्रहण समारोह को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और पार्टी के बड़े नेता भी समारोह में मौजूद रह सकते हैं।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक भाजपा इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा शक्ति प्रदर्शन बनाना चाहती है। इसी वजह से समारोह को बेहद भव्य और ऐतिहासिक बनाने की कोशिश की जा रही है।
मंच पर दिखेगी बंगाल की संस्कृति की झलक
समारोह के मंच को खास बंगाली सांस्कृतिक थीम पर तैयार किया जा रहा है। मंच पर मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही बंगाल के महान व्यक्तित्वों के बड़े चित्र भी लगाए जाएंगे, ताकि राज्य की सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता दी जा सके।
भाजपा का कहना है कि बंगाल की संस्कृति और परंपरा को लंबे समय तक राजनीतिक रूप से अलग दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन अब पार्टी बंगाल की पहचान को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करना चाहती है।
50 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद
आयोजकों के मुताबिक समारोह में 50 हजार से ज्यादा लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसके लिए मैदान में करीब 30 हजार कुर्सियां लगाई जा रही हैं। सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मैदान के चारों तरफ 25 बड़े प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं।
इनमें से पांच गेट विशेष रूप से वीआईपी मेहमानों के लिए होंगे। हर गेट को बंगाल की कला, संस्कृति और विरासत के अनुसार सजाया जा रहा है ताकि आने वाले लोगों को बंगाल की पारंपरिक पहचान महसूस हो सके।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगा आयोजन
भाजपा इस आयोजन को पूरी तरह सांस्कृतिक रंग देने की तैयारी में है। समारोह में छाऊ नृत्य, बाउल संगीत और सिंदूर खेला जैसे पारंपरिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा खाने-पीने के स्टॉल पर बंगाल के प्रसिद्ध व्यंजन जैसे झालमुड़ी, रसगुल्ला और संदेश लोगों को उपलब्ध कराए जाएंगे। पार्टी का मानना है कि यह आयोजन बंगाल की सांस्कृतिक आत्मा को सामने लाने का अवसर बनेगा।
“BJP को बंगाल से अलग बताने की कोशिश हुई”
मीडिया से बातचीत में भाजपा नेताओं ने कहा कि लंबे समय तक पार्टी को बंगाल की संस्कृति से अलग बताने की कोशिश की गई। लेकिन चुनावी नतीजों ने यह साबित कर दिया कि बंगाल की जनता बदलाव चाहती थी।
भाजपा नेताओं का कहना है कि अब राज्य को नई दिशा देने का समय आ गया है और यह शपथ ग्रहण समारोह उसी बदलाव का प्रतीक होगा।
Writers’ Building लौट सकते हैं नए मुख्यमंत्री
सूत्रों के मुताबिक शपथ ग्रहण के बाद नए मुख्यमंत्री का Writers’ Building जाने का कार्यक्रम भी तय किया जा रहा है। Writers’ Building लंबे समय तक पश्चिम बंगाल सरकार का प्रमुख प्रशासनिक केंद्र रहा है।
ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद सरकारी कामकाज दूसरे स्थान से संचालित होने लगा था, लेकिन अब भाजपा सरकार इसे फिर से प्रशासनिक केंद्र के रूप में सक्रिय करने की तैयारी कर रही है।
चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत
विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा। कांग्रेस सिर्फ 2 सीटें जीत सकी।
15 साल तक सत्ता में रहने के बाद ममता बनर्जी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। भाजपा इस जीत को “बंगाल में परिवर्तन” की शुरुआत बता रही है।
अब पूरे देश की नजर बंगाल पर टिकी हुई है, जहां पहली बार भाजपा सरकार बनने जा रही है और राज्य की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश करती दिखाई दे रही है।