सेवर जेल में उम्रकैद कैदी की मौत: परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

भरतपुर की सेवर जेल में संजय बिहारी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे 57 वर्षीय कैदी कृष्ण कुमार उर्फ बेबी की शुक्रवार देर रात मौत हो गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कैदी को अस्थमा, ब्लड प्रेशर और शुगर की बीमारी थी, लेकिन समय पर उचित इलाज नहीं दिया गया। कैदी ने बेटी को फोन कर अपनी बिगड़ती तबीयत और दवाइयों की कमी की शिकायत की थी। मौत के समय को लेकर भी जेल और अस्पताल के बयानों में विरोधाभास है। परिवार ने सजा पर भी सवाल उठाए हैं।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
January 3, 2026 • 12:15 PM  298
राजस्थान
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सेवर जेल में उम्रकैद कैदी की मौत: परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
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सेवर जेल में उम्रकैद कैदी की मौत: परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

भरतपुर (राजस्थान) की सेवर केंद्रीय जेल में आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा काट रहे एक कैदी की शुक्रवार देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक कैदी का नाम कृष्ण कुमार उर्फ बेबी (उम्र 57 वर्ष) था, जो गोपालगढ़ का निवासी था। वह भरतपुर के चर्चित संजय बिहारी हत्याकांड में मुख्य आरोपी था और हाल ही में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। परिजनों ने जेल प्रशासन और अस्पताल पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं, जिससे यह मामला विवादास्पद हो गया है।

संजय बिहारी हत्याकांड का बैकग्राउंड यह हत्याकांड 28 जनवरी 2023 को भरतपुर के मथुरा गेट थाना क्षेत्र में हुआ था। हिस्ट्रीशीटर संजय बिहारी (या संजय सिंह) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि कृष्ण कुमार उर्फ बेबी ने अपने साथी हिस्ट्रीशीटर संजय बिहारी को पार्टी के बहाने घर बुलाया और जमीनी विवाद या पुरानी रंजिश के चलते गोली मार दी। दोनों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे – कृष्ण कुमार के खिलाफ दो दर्जन से अधिक और संजय के खिलाफ 21 मामले।पुलिस ने संजय के मृत्यु पूर्व बयान (डाइंग डिक्लेरेशन) के आधार पर कृष्ण कुमार को मुख्य आरोपी बनाया। घटना के बाद कृष्ण कुमार फरार हो गया था और उसे 35 हजार रुपये का इनामी घोषित किया गया था। फरवरी 2024 में गिरफ्तारी हुई। उस समय हाईकोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी, क्योंकि कोई चश्मदीद गवाह नहीं था और डाइंग डिक्लेरेशन पर संदेह जताया गया। हालांकि, बाद में ट्रायल में उसे दोषी ठहराया गया और करीब तीन महीने पहले उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इससे पहले वह करीब आठ महीने जेल में रह चुका था और जमानत पर बाहर था।परिजनों का दावा है कि इस केस में ठोस सबूत नहीं थे। मृतक की पत्नी कृतिका (या कीर्ति) ने कहा कि संजय बिहारी की पत्नी ने बयान दिया था कि हत्या शाम 5:30 बजे हुई, जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का समय शाम 6:30 बजे बताया गया। ऐसे में आरोप कैसे सिद्ध हुआ, यह समझ से परे है।

कैदी की तबीयत बिगड़ने की शिकायतें परिजनों के अनुसार, कृष्ण कुमार पहले से कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित था – अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज (शुगर)। जेल में सजा काटते समय उसकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। वह रोजाना परिवार को फोन कर अपनी हालत बताता था।उसने अपनी बेटी को फोन पर बताया कि शुगर लेवल 400 तक पहुंच गया है। रोज चेक कराने के बावजूद सुधार नहीं हो रहा।जेल में दवाइयां ठीक से नहीं मिल रही थीं।उसे दो बार डॉक्टर को दिखाया गया, लेकिन अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया।परिवार ने सुझाव दिया था कि जरूरत पड़े तो भरतपुर के आरबीएम अस्पताल या जयपुर रेफर किया जाए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन ने समय पर समुचित इलाज नहीं कराया, जिससे हालत गंभीर हो गई।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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