चुनाव से पहले ‘वायरल ऑडियो’ पर सियासत तेज: कांग्रेस-बजेपी आमने-सामने, जांच की मांग!

राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविन्दराम मेघवाल का एक कथित ऑडियो वायरल होने से सियासत गरमा गई है। कांग्रेस इसे फर्जी और साजिश बता रही है, वहीं भाजपा ने जांच की मांग की है। इस विवाद ने पार्टी के भीतर गुटबाजी और चुनावी तैयारियों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
April 1, 2026 • 2:18 PM  23
र
राजनीति
NEWS CARD
Logo
चुनाव से पहले ‘वायरल ऑडियो’ पर सियासत तेज: कांग्रेस-बजेपी आमने-सामने, जांच की मांग!
“चुनाव से पहले ‘वायरल ऑडियो’ पर सियासत तेज: कांग्रेस-बजेपी आमने-सामने, जांच की मांग!”
Favicon
Read more onthekhatak.com
1 Apr 2026
https://thekhatak.com/chunav-se-pehle-viral-audio-par-siyasat-tez-congress-bjp-aamne-saamne-jaanch-ki-maang
Google News
Copied
चुनाव से पहले ‘वायरल ऑडियो’ पर सियासत तेज: कांग्रेस-बजेपी आमने-सामने, जांच की मांग!

राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनावों की आहट के साथ ही सियासी माहौल गरमाने लगा है। भले ही चुनाव की तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियां तेज कर दी हैं। इसी बीच एक कथित ऑडियो क्लिप ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है, जिसे लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

यह ऑडियो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविन्दराम मेघवाल से जुड़ा बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस ऑडियो में पार्टी के भीतर पिछले चुनावों के दौरान कथित अंदरूनी मतभेद और रणनीतियों पर बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, गोविन्दराम मेघवाल ने इस ऑडियो को पूरी तरह से फर्जी और एडिटेड बताते हुए इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश करार दिया है। उनका आरोप है कि राजनीतिक विरोधियों द्वारा जानबूझकर इसे वायरल किया गया है।

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब कांग्रेस और भाजपा दोनों पक्षों के नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने कहा कि इस तरह के ऑडियो के जरिए समाज में तनाव और वैमनस्य फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पुलिस से ऑडियो की सत्यता की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और इस तरह की हरकतों की कड़ी निंदा करती है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है, जो निंदनीय है।

वहीं, भाजपा की ओर से केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के पुत्र रविशेखर मेघवाल ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के किसी का नाम लेना उचित नहीं है और कांग्रेस नेता पहले भी कई बार उनके खिलाफ गलत बयान दे चुके हैं। उन्होंने दिवंगत नेता रामेश्वर डूडी के बारे में की गई कथित टिप्पणी को भी गलत बताते हुए कहा कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद के पीछे केवल एक ऑडियो क्लिप नहीं, बल्कि कांग्रेस के अंदर चल रही गुटबाजी भी एक बड़ा कारण है। जिले में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पार्टी के भीतर अलग-अलग गुट सक्रिय हैं और आगामी चुनावों में टिकट वितरण को लेकर खींचतान तेज हो गई है। वरिष्ठ नेताओं से संपर्क और समर्थन जुटाने की कोशिशें भी लगातार जारी हैं।

सूत्रों के अनुसार, बीकानेर शहर में बीडी कल्ला और ग्रामीण क्षेत्रों में गोविन्दराम मेघवाल का प्रभाव माना जाता है। पार्टी नेतृत्व द्वारा शहर और देहात में अलग-अलग जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद से ही अलग-अलग शक्ति केंद्र बनने की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिससे अंदरूनी राजनीति और जटिल हो गई है।

चुनाव से पहले वायरल हुआ यह ऑडियो न केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का कारण बना है, बल्कि इसने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति और चुनावी रणनीति पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सच्चाई सामने आती है और इसका चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Digital Archives

homeHomeamp_storiesWeb Storieslocal_fire_departmentTrendingplay_circleVideosmark_email_unreadNewsletter