चुनाव से पहले ‘वायरल ऑडियो’ पर सियासत तेज: कांग्रेस-बजेपी आमने-सामने, जांच की मांग!
राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविन्दराम मेघवाल का एक कथित ऑडियो वायरल होने से सियासत गरमा गई है। कांग्रेस इसे फर्जी और साजिश बता रही है, वहीं भाजपा ने जांच की मांग की है। इस विवाद ने पार्टी के भीतर गुटबाजी और चुनावी तैयारियों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनावों की आहट के साथ ही सियासी माहौल गरमाने लगा है। भले ही चुनाव की तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियां तेज कर दी हैं। इसी बीच एक कथित ऑडियो क्लिप ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है, जिसे लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
यह ऑडियो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविन्दराम मेघवाल से जुड़ा बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस ऑडियो में पार्टी के भीतर पिछले चुनावों के दौरान कथित अंदरूनी मतभेद और रणनीतियों पर बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, गोविन्दराम मेघवाल ने इस ऑडियो को पूरी तरह से फर्जी और एडिटेड बताते हुए इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश करार दिया है। उनका आरोप है कि राजनीतिक विरोधियों द्वारा जानबूझकर इसे वायरल किया गया है।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब कांग्रेस और भाजपा दोनों पक्षों के नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने कहा कि इस तरह के ऑडियो के जरिए समाज में तनाव और वैमनस्य फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पुलिस से ऑडियो की सत्यता की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और इस तरह की हरकतों की कड़ी निंदा करती है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है, जो निंदनीय है।