बादल फटने से भारी तबाही: ट्रैक्टर बहने से 8 की मौत, मंदिर-घरों में मलबा घुसा, मलबा गिरने से 3 की जान गई
देहरादून में बादल फटने से भारी तबाही, टोंस नदी में ट्रैक्टर-ट्रॉली बहने से 8 की मौत, मंदिरों-घरों में मलबा घुसा। मंडी में मलबा गिरने से 3 लोगों की जान गई, 2 को बचाया गया। NDRF और SDRF राहत कार्य में जुटी।
उत्तराखंड के देहरादून में मंगलवार सुबह अचानक बादल फटने से भारी तबाही मच गई। सहस्त्रधारा क्षेत्र में भारी बारिश और बादल फटने के कारण टोंस, तमसा, कारलीगाड़ और सहस्त्रधारा नदियां उफान पर आ गईं। इस हादसे में टोंस नदी के तेज बहाव में मजदूरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बह गई, जिसमें सवार 8 लोगों की मौत हो गई और 2-4 अन्य लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, मंदिरों, दुकानों और घरों में मलबा घुसने से भारी नुकसान हुआ है। दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भारी बारिश से पहाड़ी पर मलबा गिरने से एक घर ध्वस्त हो गया, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई और 2 को बचाया गया। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।
नदियां उफान पर, सड़कें-घर तबाह
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मंगलवार सुबह करीब 5 बजे सहस्त्रधारा के नजदीक बादल फट गया। मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही देहरादून और टिहरी गढ़वाल के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, जिसमें अत्यंत भारी बारिश, बिजली चमकने और 87 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाओं की चेतावनी दी गई थी। बादल फटने से तमसा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे टपकेश्वर महादेव मंदिर पूरी तरह जलमग्न हो गया। मंदिर के पुजारी आचार्य बिपिन जोशी ने बताया कि सुबह 5 बजे से नदी का बहाव तेज हो गया और पूरा परिसर डूब गया। यह स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई।
सहस्त्रधारा क्षेत्र में भारी मलबा और पानी घुसने से दुकानें, होटल और घरों को भारी नुकसान पहुंचा। दो दुकानें पूरी तरह बह गईं, जबकि कई गाड़ियां पानी में बहकर क्षतिग्रस्त हो गईं। मालदेवता और केसरवाला इलाकों में सड़कें ध्वस्त हो गईं, जिसमें 100 मीटर लंबी सड़क मलबे में दब गई। विकासनगर-हरिद्वार राजमार्ग पर एक पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। चंद्रभागा नदी भी उफान पर आ गई, जिससे ऋषिकेश में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।