कोटा एसीबी की बड़ी कार्रवाई: केंद्रीय नारकोटिक्स इंस्पेक्टर फरार, 1.90 लाख के डमी नोट लेकर भागा; दलाल 20 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
कोटा एसीबी ने झालावाड़ में सीबीएन इंस्पेक्टर हितेश कुमार के दलाल अकरम हुसैन को 20 हजार रिश्वत लेते पकड़ा; इंस्पेक्टर 1.90 लाख डमी नोट लेकर फरार, तलाश जारी।
राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानी मंडी में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले ने पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीआई) के इंस्पेक्टर हितेश कुमार और उसके साथियों द्वारा एक व्यक्ति के पिता को झूठे नशीले पदार्थों के केस में फंसाने की धमकी देकर 3 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का खुलासा हुआ है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की कोटा यूनिट ने इस मामले में इंस्पेक्टर के दलाल अकरम हुसैन को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर हितेश कुमार खुद रिश्वत की रकम लेकर फरार हो गया, जिसमें 1.90 लाख रुपये के डमी नोट भरे हुए थे। भागते समय उसकी गाड़ी से नोटों का पुलिंदा, मोबाइल फोन और अन्य सामान गिर गया। एसीबी की टीम अब फरार इंस्पेक्टर की तलाश में जुटी हुई है।
शिकायत की शुरुआत: झूठे केस की धमकी से 3 लाख की मांग यह मामला भवानी मंडी के एक स्थानीय निवासी की शिकायत से शुरू हुआ। शिकायतकर्ता ने एसीबी को बताया कि केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के इंस्पेक्टर हितेश कुमार और उसके दो सहयोगियों ने उसके बुजुर्ग पिता को निशाना बनाया। आरोप है कि इंस्पेक्टर और उसके साथी शिकायतकर्ता के पिता के घर पहुंचे और उन्हें नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। उन्होंने दावा किया कि उनके पास 'सबूत' हैं और यदि मांगी गई रकम नहीं दी गई, तो पिता को तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।शिकायतकर्ता के अनुसार, इंस्पेक्टर हितेश ने सबसे पहले 5 लाख रुपये की मांग की, लेकिन बाद में इसे घटाकर 3 लाख रुपये कर दिया। रिश्वत की यह रकम किश्तों में लेने का प्लान बनाया गया था। इंस्पेक्टर ने अपने दलाल अकरम हुसैन को इस सौदे का जिम्मेदार बनाया, जो शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क में था। अकरम हुसैन ने बताया कि पहली किश्त के रूप में 20 हजार रुपये तुरंत जमा करने होंगे, बाकी रकम बाद में। शिकायतकर्ता ने इस धमकी से डरकर एसीबी से मदद मांगी। एसीबी ने शिकायत को गंभीरता से लिया और तुरंत जांच शुरू कर दी।