खाकी की चाहत में गंवाई भाई की सरकारी नौकरी: राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती में डमी कैंडिडेट का बड़ा खेल, दोनों पहुंचे जेल !
राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2019 में अपनी जगह डमी कैंडिडेट के रूप में भाई को बैठाने वाले 5 हजार के इनामी आरोपी को जयपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जानिए पूरा मामला।
राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़े और डमी अभ्यर्थियों के खिलाफ पुलिस और जांच एजेंसियों का एक्शन लगातार जारी है। इसी कड़ी में जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए वर्ष 2020 की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में अपनी जगह छोटे भाई को डमी कैंडिडेट बनाकर बैठाने वाले 5 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी सोनू यादव को गिरफ्तार कर लिया है।
2020 की परीक्षा में रचा गया था फर्जीवाड़े का खेल पुलिस के अनुसार, यह मामला राजस्थान पुलिस विभाग की कांस्टेबल भर्ती-2019 की लिखित परीक्षा से जुड़ा है, जो 7 नवंबर 2020 को सोडाला स्थित एक निजी स्कूल में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में जीआरपी (GRP) अजमेर के रोल नंबर पर मुख्य अभ्यर्थी सोनू यादव की जगह उसका सगा भाई मनोज कुमार यादव डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने पहुंचा था।
कांस्टेबल से VDO बना भाई पहले ही हो चुका है गिरफ्तार पुलिस मुख्यालय के भर्ती अनुभाग की रिपोर्ट पर वर्ष 2021 में सोडाला थाने में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि घटना के समय मनोज भिवाड़ी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात था और बाद में उसने ग्राम विकास अधिकारी (VDO) का पद हासिल कर लिया था। पुलिस ने फर्जीवाड़े में शामिल मनोज कुमार यादव को 28 जुलाई 2026 को ही गिरफ्तार कर लिया था।