दिल्ली ब्लास्ट: डॉ. शाहीन का चौंकाने वाला कबूलनामा दो साल से विस्फोटक इकट्ठा कर रहे थे देशभर में धमाकों की साजिश.

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट में 12 मौतें हुईं। फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद (JeM महिला विंग हेड) ने कबूला कि वह और अन्य डॉक्टर आतंकी दो साल से 2,900 किलो विस्फोटक जमा कर रहे थे। मकसद: दिल्ली, गुरुग्राम, लखनऊ आदि में सिलसिलेवार धमाके। 8 गिरफ्तार (4 डॉक्टर), NIA जांच में। पाकिस्तान-JeM कनेक्शन, ISI की महिला रणनीति का पर्दाफाश।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
November 12, 2025 • 9:28 AM  14
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दिल्ली ब्लास्ट: डॉ. शाहीन का चौंकाने वाला कबूलनामा दो साल से विस्फोटक इकट्ठा कर रहे थे देशभर में धमाकों की साजिश.
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12 Nov 2025
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दिल्ली ब्लास्ट: डॉ. शाहीन का चौंकाने वाला कबूलनामा दो साल से विस्फोटक इकट्ठा कर रहे थे देशभर में धमाकों की साजिश.

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए भयानक कार ब्लास्ट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इस विस्फोट में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हैं। शुरुआती जांच में यह फिदायीन हमला होने की आशंका जताई गई है, जिसमें आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) का इस्तेमाल किया गया। लेकिन अब इस घटना के पीछे की साजिश ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है। फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद ने पूछताछ के दौरान सनसनीखेज कबूलनामा किया है - वह और उसके साथी डॉक्टर आतंकी पिछले दो साल से विस्फोटक इकट्ठा कर रहे थे, ताकि दिल्ली, गुरुग्राम, लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में एक साथ बड़े धमाके किए जा सकें। यह खुलासा न सिर्फ दिल्ली ब्लास्ट को एक सुनियोजित साजिश से जोड़ता है, बल्कि पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के महिला विंग 'जमात-उल-मोमिनात' की भारत में गहरी घुसपैठ का भी राज खोलता है।

घटना का पूरा घटनाक्रम: कैसे फंसा दिल्ली को आतंकी जाल में?

10 नवंबर की शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास एक सफेद रंग की हुंडई i20 कार में जोरदार धमाका हुआ। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि कार में मास्क पहने एक संदिग्ध शख्स सवार था, जो ट्रैफिक सिग्नल पर रुकते ही विस्फोट को अंजाम देता है। फोरेंसिक जांच से पता चला कि कार में अमोनियम नाइट्रेट और अन्य रसायनों से बने करीब 2,900 किलो विस्फोटक भरे थे। मृतकों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के लोग शामिल हैं, जिनमें अमरोहा के अशोक कुमार (34) और दिल्ली के अमर कटारिया (35) जैसे निर्दोष शामिल हैं।यह ब्लास्ट संयोग से नहीं हुआ। जम्मू-कश्मीर पुलिस और हरियाणा एटीएस की संयुक्त कार्रवाई ने ठीक उसी दिन फरीदाबाद में एक 'व्हाइट-कॉलर' टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, जिसमें 2,900 किलो से ज्यादा विस्फोटक, 20 टाइमर, एके-47 राइफल, पिस्टल और गोला-बारूद बरामद हुए। ये विस्फोटक दिल्ली ब्लास्ट वाले ही अमोनियम नाइट्रेट से बने थे। मॉड्यूल के किराए के फ्लैट्स (धौज और फतेहपुर तागा) से ये सामग्री मिली, जो डॉ. मुजम्मिल शकील नाम के कश्मीरी डॉक्टर के नाम पर किराए पर ली गई थीं। 

डॉ. शाहीन कौन हैं? जैश की 'महिला कमांडर' का खौफनाक चेहरा

गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद (उम्र 35-40 वर्ष) लखनऊ के लालबाग इलाके की रहने वाली हैं। वह फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डॉक्टर के तौर पर काम करती थीं। लेकिन उनकी असलियत कुछ और थी - वह JeM की महिला विंग 'जमात-उल-मोमिनात' की भारत हेड थीं। यह विंग पाकिस्तान में JeM चीफ मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर (या रबिया अजहर) के नेतृत्व में चलता है। शाहीन को सादिया ने ही भारत में महिलाओं की भर्ती, ब्रेनवॉशिंग और ऑपरेशन नेटवर्क बनाने का टास्क दिया था।पूछताछ में शाहीन ने कबूला कि वह पिछले दो साल से अपने साथी डॉक्टरों - मुजम्मिल शकील (पुलवामा), आदिल अहमद (अनंतनाग), उमर मोहम्मद (पुलवामा) और मुजम्मिल गनाई (कश्मीर) - के साथ मिलकर विस्फोटक जमा कर रही थी। मकसद था 200 से ज्यादा शक्तिशाली आईईडी बनाना और दिल्ली के लाल किला, इंडिया गेट, कांस्टीट्यूशन क्लब, गुरुग्राम के साइबर सिटी, लखनऊ के हजरतगंज जैसे हाई-प्रोफाइल टारगेट्स पर एक साथ हमले करना। शाहीन की कार (हरियाणा नंबर HR-51 वाली मारुति स्विफ्ट) से एके-47 राइफल, पिस्टल और अमोनिशन बरामद हुई, जो मुजम्मिल ने छिपाई थी।शाहीन की पृष्ठभूमि भी सस्पेंस से भरी है। वह इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज से पढ़ीं, मुंबई के एक व्यक्ति जफर हयात से शादी की (जो 2015 में तलाक हो गई), और फिर फरीदाबाद शिफ्ट हो गईं। उसके बाद वह JeM के संपर्क में आ गईं। परिवार का कहना है, "हमें यकीन नहीं होता कि हमारी बेटी/बहन आतंकी हो सकती है।" लेकिन एजेंसियां मानती हैं कि वह ISI की नीति पर काम कर रही थीं, जो ISIS की तरह महिलाओं को आतंकी हमलों में इस्तेमाल करती है। 

गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे: डॉक्टरों की 'टेरर लैब' का पर्दाफाश

इस साजिश में अब तक 8 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें 4 डॉक्टर शामिल हैं। यहां मुख्य संदिग्धों की सूची: 

संदिग्ध का नाम    स्थान/पृष्ठभूमि   भूमिका/बरामद सामग्री

डॉ. शाहीन शाहिद   लखनऊ/अल-फलाह यूनिवर्सिटी   JeM महिला विंग हेड; एके-47, पिस्टल बरामद

डॉ. मुजम्मिल शकील   पुलवामा/अल-फलाहयूनिवर्सिटी

लॉजिस्टिक्स; 2,900 किलो विस्फोटक, टाइमर 

डॉ. आदिल अहमद  अनंतनाग/सहारनपुर  रिक्रूटमेंट; राइफल, हथियार

डॉ. उमर मोहम्मद  पुलवामा/अल-फलाह यूनिवर्सिटी  फिदायीन बमर (मृत); i20 कार का मालिक

हाफिज इश्तियाक  फरीदाबाद/मस्जिद काजी  फंडिंग; विस्फोटक स्टोरेज

ब्लास्ट से पहले की कार्रवाई: 6-8 नवंबर को सहारनपुर, अनंतनाग और फरीदाबाद में छापे मारे गए। 9-10 नवंबर को 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट जब्त। उमर ने गिरफ्तारियों के डर से जल्दबाजी में ब्लास्ट किया।

परिवार कनेक्शन: शाहीन के भाई डॉ. परवेज अंसारी (इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ) को भी हिरासत में लिया गया। उनके मड़ियांव घर से दस्तावेज, हार्ड ड्राइव और वाहन जब्त। मुंबई में शाहीन के पूर्व पति के ठिकानों पर भी ATS छापा।

अन्य लिंक: मॉड्यूल में अंसार गजवत-उल-हिंद का भी हाथ। महाराष्ट्र में रिश्ते की जांच चल रही है।

जांच का नया मोड़: NIA ने संभाला केस, पाकिस्तान पर नजर

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामला अपने हाथ में ले लिया है। UAPA और एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत केस दर्ज। फोकस है फंडिंग, हथियार सप्लाई और क्रॉस-बॉर्डर कमांड पर। JeM का यह 'डॉक्टर्स मॉड्यूल' कश्मीर से हरियाणा-यूपी तक फैला था, जो प्रोफेशनल कवर इस्तेमाल करता था। एजेंसियां अब 20 अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं।लाल किला मेट्रो स्टेशन 12 नवंबर को भी बंद रहा। दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये मुआवजा घोषित किया। पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह ने सुरक्षा एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी है।यह साजिश न सिर्फ दिल्ली को निशाना बना रही थी, बल्कि पूरे देश को खून में नहलाने की कोशिश थी। शाहीन जैसे 'सफेदपोश' आतंकियों का पर्दाफाश भारत की सुरक्षा व्यवस्था की ताकत दिखाता है, लेकिन यह चेतावनी भी है - रेडिकलाइजेशन अब पढ़े-लिखे तबके तक पहुंच चुका है। जांच जारी है, और आगे के खुलासे और भी चौंकाने वाले हो सकते हैं। देश सुरक्षित रहे, यही प्रार्थना है। 

 

Basanti Parmar

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