दिल्ली ब्लास्ट: डॉ. शाहीन का चौंकाने वाला कबूलनामा दो साल से विस्फोटक इकट्ठा कर रहे थे देशभर में धमाकों की साजिश.
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट में 12 मौतें हुईं। फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद (JeM महिला विंग हेड) ने कबूला कि वह और अन्य डॉक्टर आतंकी दो साल से 2,900 किलो विस्फोटक जमा कर रहे थे। मकसद: दिल्ली, गुरुग्राम, लखनऊ आदि में सिलसिलेवार धमाके। 8 गिरफ्तार (4 डॉक्टर), NIA जांच में। पाकिस्तान-JeM कनेक्शन, ISI की महिला रणनीति का पर्दाफाश।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए भयानक कार ब्लास्ट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इस विस्फोट में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हैं। शुरुआती जांच में यह फिदायीन हमला होने की आशंका जताई गई है, जिसमें आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) का इस्तेमाल किया गया। लेकिन अब इस घटना के पीछे की साजिश ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है। फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद ने पूछताछ के दौरान सनसनीखेज कबूलनामा किया है - वह और उसके साथी डॉक्टर आतंकी पिछले दो साल से विस्फोटक इकट्ठा कर रहे थे, ताकि दिल्ली, गुरुग्राम, लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में एक साथ बड़े धमाके किए जा सकें। यह खुलासा न सिर्फ दिल्ली ब्लास्ट को एक सुनियोजित साजिश से जोड़ता है, बल्कि पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के महिला विंग 'जमात-उल-मोमिनात' की भारत में गहरी घुसपैठ का भी राज खोलता है।
घटना का पूरा घटनाक्रम: कैसे फंसा दिल्ली को आतंकी जाल में?
10 नवंबर की शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास एक सफेद रंग की हुंडई i20 कार में जोरदार धमाका हुआ। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि कार में मास्क पहने एक संदिग्ध शख्स सवार था, जो ट्रैफिक सिग्नल पर रुकते ही विस्फोट को अंजाम देता है। फोरेंसिक जांच से पता चला कि कार में अमोनियम नाइट्रेट और अन्य रसायनों से बने करीब 2,900 किलो विस्फोटक भरे थे। मृतकों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के लोग शामिल हैं, जिनमें अमरोहा के अशोक कुमार (34) और दिल्ली के अमर कटारिया (35) जैसे निर्दोष शामिल हैं।यह ब्लास्ट संयोग से नहीं हुआ। जम्मू-कश्मीर पुलिस और हरियाणा एटीएस की संयुक्त कार्रवाई ने ठीक उसी दिन फरीदाबाद में एक 'व्हाइट-कॉलर' टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, जिसमें 2,900 किलो से ज्यादा विस्फोटक, 20 टाइमर, एके-47 राइफल, पिस्टल और गोला-बारूद बरामद हुए। ये विस्फोटक दिल्ली ब्लास्ट वाले ही अमोनियम नाइट्रेट से बने थे। मॉड्यूल के किराए के फ्लैट्स (धौज और फतेहपुर तागा) से ये सामग्री मिली, जो डॉ. मुजम्मिल शकील नाम के कश्मीरी डॉक्टर के नाम पर किराए पर ली गई थीं।