डॉक्टर या जल्लाद? 'डॉक्टर डेथ' की खौफनाक - 100 हत्याएं, मगरमच्छों को शव खिलाने वाला सीरियल किलर और किडनी रैकेट!
देवेंद्र शर्मा, जिसे "डॉक्टर डेथ" के नाम से जाना जाता है, एक आयुर्वेदिक डॉक्टर से खूंखार सीरियल किलर और अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का सरगना बन गया। उस पर 100 से अधिक हत्याओं और 125 अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के आरोप हैं। शवों को मगरमच्छों को खिलाकर सबूत मिटाने वाला यह अपराधी 2020 और 2023 में पैरोल से फरार हो गया था। वह दौसा के एक आश्रम में पुजारी बनकर छिपा था, जहां से दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। यह खबर समाज में डॉक्टरों पर भरोसे, अवैध अंग व्यापार, और पैरोल सिस्टम की खामियों पर सवाल उठाती है।
एक डॉक्टर से अपराधी
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के पुरैनी गांव का रहने वाला 67 वर्षीय देवेंद्र शर्मा, जिसे "डॉक्टर डेथ" के नाम से जाना जाता है, कभी एक आयुर्वेदिक डॉक्टर था। उसने 1984 में बिहार से बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) की डिग्री हासिल की और राजस्थान के दौसा में जनता क्लिनिक खोलकर प्रैक्टिस शुरू की। लेकिन, 1994 में एक गैस एजेंसी डील में 11 लाख रुपये का नुकसान होने के बाद उसकी जिंदगी ने अपराध की राह पकड़ ली। यह कहानी किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं है, जहां एक डॉक्टर अपराध की दुनिया का खूंखार चेहरा बन गया।
एक आयुर्वेदिक डॉक्टर, जिसे समाज भगवान का दर्जा देता है, कैसे एक खूंखार सीरियल किलर और अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का सरगना बन गया? देवेंद्र शर्मा, जिसे "डॉक्टर डेथ" के नाम से जाना जाता है, ने न केवल 100 से अधिक हत्याएं कीं, बल्कि शवों को मगरमच्छों को खिलाकर सबूत मिटाने का क्रूर तरीका अपनाया।
अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का रैकेट
1998 से 2004 के बीच, देवेंद्र ने गुरुग्राम के कुख्यात डॉक्टर अमित के साथ मिलकर एक अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट चलाया। इस रैकेट में गरीब और कमजोर लोगों को लालच देकर उनकी किडनियां निकाली जाती थीं। देवेंद्र ने पुलिस के सामने कबूल किया कि उसने 125 से अधिक अवैध किडनी ट्रांसप्लांट करवाए, जिसमें उसे हर डील के लिए 5 से 7 लाख रुपये मिलते थे। यह रैकेट दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, और नेपाल तक फैला हुआ था। गरीब लोगों को झूठे वादों और पैसे का लालच देकर उनके अंग बेचे गए, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया।