चूल्हा जलाते ही लगी भीषण आग, एक ही परिवार के चार झुलसे, गीता मीणा की हालत गंभीर
गैस सिलेंडर से रिसाव के कारण एक घर में आग लग गई, जिसमें एक परिवार के चार लोग बुरी तरह झुलस गए। आग की चपेट में मुख्य दरवाजा और सामान जल गया, घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राजस्थान के उदयपुर जिले के कुराबड़ थाना क्षेत्र के बोरी गांव में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। गैस सिलेंडर से रिसाव के कारण घर में आग लग गई, जिसमें एक ही परिवार के चार लोग बुरी तरह झुलस गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि घर का मुख्य दरवाजा और अन्य सामान जलकर खाक हो गया। इस हादसे में शंकरलाल मीणा (45), उनकी पत्नी गीता मीणा (40), और उनकी दो बेटियां लोगरी (9) और मोनिका (7) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को तुरंत उदयपुर के महाराणा भूपाल (एमबी) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
रातभर गैस रिसाव, सुबह भभकी आग
सगतड़ी सरपंच पति राजुभाई नारायण के अनुसार, यह घटना शंकरलाल मीणा के घर सुबह करीब 7 बजे हुई। प्राथमिक जांच में पता चला कि गैस सिलेंडर का रेगुलेटर ढीला होने के कारण रातभर गैस रिसाव होता रहा। परिवार के सभी सदस्य रात को छत पर सोए थे, जिसके कारण उन्हें रिसाव का पता नहीं चला। सुबह जब गीता मीणा ने चाय बनाने के लिए चूल्हा जलाने की कोशिश की, तो कमरे में फैली गैस ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग की लपटें पूरे घर में फैल गईं, और परिवार के चारों सदस्य इसकी चपेट में आ गए।
चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने बचाई जान
आग लगने के बाद परिवार के सदस्य मदद के लिए चिल्लाए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद शंकरलाल, गीता, लोगरी और मोनिका को आग की लपटों से बाहर निकाला। आग इतनी भयावह थी कि घर का मुख्य दरवाजा और कई सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने सभी को उदयपुर के एमबी अस्पताल रेफर कर दिया।