देवास: अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान दंपती ने खुद को आग लगा ली, दोनों गंभीर रूप से झुलसे; लोगों ने चक्काजाम कर जताया आक्रोश
मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव तहसील के सतवास में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम के सामने संतोष व्यास और उनकी पत्नी जयश्री व्यास ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और इंदौर रेफर कर दिए गए। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने चक्काजाम किया और तहसीलदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। कलेक्टर ने तहसीलदार को अटैच कर दिया है।



मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव तहसील क्षेत्र में स्थित सतवास कस्बे में बुधवार (24 दिसंबर 2025) को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम के सामने एक दंपती ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। पति-पत्नी दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और उन्हें बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते स्थानीय लोगों ने सतवास बस स्टैंड पर पुलिस थाने के सामने चक्काजाम कर दिया। जाम के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात ठप हो गया।



घटना का विवरण घटना सतवास में हुई, जहां स्थानीय निवासी संतोष व्यास सतवास बस स्टैंड पर स्टेशनरी और फोटोकॉपी की दुकान चलाते हैं। वे एक कॉलोनी में अपना मकान बना रहे थे। प्रशासन को शिकायत मिली थी कि यह निर्माण नाली पर अतिक्रमण करके किया जा रहा है। एसडीएम के आदेश पर प्रभारी तहसीलदार अरविंद दिवाकर नगर परिषद और पुलिस बल की टीम के साथ जेसीबी मशीन लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंचे।कार्रवाई शुरू होने से पहले एक अन्य परिवार ने अपना अतिक्रमण स्वेच्छा से हटा लिया था। लेकिन जब टीम व्यास परिवार के निर्माण स्थल पर पहुंची, तो संतोष व्यास और उनकी पत्नी जयश्री व्यास ने तहसीलदार से बहस शुरू कर दी। बहस के दौरान अचानक दंपती ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ (पेट्रोल) डालकर आग लगा ली। मौके पर अफरा-तफरी मच गई।मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासनिक अमले ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की। आग बुझने तक दोनों गंभीर रूप से झुलस चुके थे। उन्हें पहले सतवास में प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण इंदौर के अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
लोगों का आक्रोश और प्रदर्शन घटना की सूचना फैलते ही क्षेत्र में भारी गुस्सा भड़क उठा। गुस्साए लोगों ने सतवास बस स्टैंड पर पुलिस थाने के सामने चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी की और कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार भड़की भीड़ ने जेसीबी मशीन पर पथराव भी किया। लोगों का आरोप था कि अतिक्रमण हटाने की टीम ने परिवार से पैसे मांगकर 'चमकाने' (रिश्वत मांगने) की कोशिश की थी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों को घेर लिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई। चक्काजाम के कारण करीब 3 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
परिवार का पक्ष व्यास परिवार ने प्रशासन की कार्रवाई को पूरी तरह अवैधानिक बताया है। उनका दावा है कि मकान निर्माण के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां पहले ही ले ली गई थीं। परिवार का कहना है कि नाली पर अतिक्रमण का आरोप गलत है और कार्रवाई बिना उचित नोटिस के की गई।
प्रशासन का पक्ष तहसीलदार अरविंद दिवाकर ने कहा कि कार्रवाई एसडीएम के आदेश पर नाली से अतिक्रमण हटाने के लिए की जा रही थी। उन्होंने बताया कि दंपती ने अचानक आग लगा ली, जिससे कोई पूर्वानुमान नहीं था। अमले और स्थानीय लोगों ने मिलकर आग बुझाई और दंपती को अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद देवास कलेक्टर ने तहसीलदार अरविंद दिवाकर को कलेक्टर कार्यालय में अटैच कर दिया है, जिससे जांच की संभावना जताई जा रही है।












































