EPFO का बदलाव,अब 1 महीने की नौकरी पर भी मिलेगी पेंशन, जानें कैसे बदले नियम.

EPFO ने कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब 6 महीने से कम नौकरी करने वाले भी पेंशन के हकदार होंगे। पहले, 6 महीने से कम की सेवा को 'जीरो कम्प्लीट ईयर' मानकर EPS योगदान रद्द हो जाता था। अप्रैल-मई 2024 के सर्कुलर के अनुसार, 1 महीने की नौकरी करने वाले कर्मचारी भी पेंशन पा सकेंगे। यह नियम बीपीओ, लॉजिस्टिक्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के लिए वरदान है। कर्मचारियों को अपनी PF पासबुक जांचने और जरूरत पर 2024 सर्कुलर का हवाला देकर शिकायत दर्ज करने की सलाह दी गई है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 30, 2025 • 1:36 PM  45
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EPFO का  बदलाव,अब 1 महीने की नौकरी पर भी मिलेगी पेंशन, जानें कैसे बदले नियम.
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30 Aug 2025
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EPFO का  बदलाव,अब 1 महीने की नौकरी पर भी मिलेगी पेंशन, जानें कैसे बदले नियम.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है, जो लाखों कर्मचारियों के लिए राहत की खबर लेकर आया है। नए नियम के तहत अब 6 महीने से कम समय तक नौकरी करने वाले कर्मचारियों को भी पेंशन का लाभ मिलेगा। पहले, 6 महीने से कम अवधि की नौकरी को 'जीरो कम्प्लीट ईयर' माना जाता था, जिसके चलते ऐसे कर्मचारियों को EPS के तहत पेंशन का अधिकार नहीं मिलता था। लेकिन अप्रैल-मई 2024 में जारी एक सर्कुलर ने इस नियम को बदल दिया है। अब, अगर कोई कर्मचारी केवल 1 महीने तक भी नौकरी करता है और EPS में योगदान देता है, तो उसे भी पेंशन का हकदार माना जाएगा।

क्यों थी इस बदलाव की जरूरत?

यह बदलाव खासकर उन क्षेत्रों के कर्मचारियों के लिए वरदान साबित होगा, जहां नौकरी का कार्यकाल छोटा होता है, जैसे कि बीपीओ, लॉजिस्टिक्स, और अनुबंध-आधारित स्टाफिंग। इन सेक्टर्स में कर्मचारी अक्सर कम समय के लिए काम करते हैं और जल्दी नौकरी बदल लेते हैं। पहले, अगर कोई कर्मचारी 5 महीने तक काम करके नौकरी छोड़ देता था, तो उसका EPS में किया गया योगदान बेकार हो जाता था, और उसे पेंशन का लाभ नहीं मिलता था। इससे युवा कर्मचारियों, खासकर अल्पकालिक नौकरियों में काम करने वालों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। नए नियम से यह सुनिश्चित होगा कि कम समय के लिए काम करने वाले कर्मचारियों का EPS में योगदान व्यर्थ नहीं जाएगा। यह बदलाव न केवल कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगा, बल्कि उन्हें रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करेगा। यह उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है जो किसी कारणवश लंबे समय तक नौकरी नहीं कर पाते।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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