NEET 2026 रद्द होते ही छात्रों पर बढ़ा 30 हजार का अतिरिक्त खर्च, आर्थिक के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ा
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद राजस्थान के कोचिंग हब सीकर में फिर से छात्रों की हलचल बढ़ गई है। कई छात्र दोबारा तैयारी के लिए लौट रहे हैं, जबकि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ और छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के लाखों विद्यार्थियों के सामने एक बार फिर अनिश्चितता की स्थिति खड़ी हो गई है। 3 मई को आयोजित हुई इस परीक्षा में देशभर से 22.79 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। राजस्थान के कोचिंग हब सीकर में भी इस फैसले का बड़ा असर देखने को मिल रहा है। सीकर जिले के 102 परीक्षा केंद्रों पर करीब 29,979 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 29,600 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। अब परीक्षा रद्द होने के बाद इन्हीं छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी।
NEET रद्द होते ही फिर शुरू हुई सीकर की हलचल
जैसे ही NTA ने परीक्षा रद्द करने का आदेश जारी किया, उसके कुछ ही समय बाद सीकर के कोचिंग संस्थानों और हॉस्टल संचालकों के फोन लगातार बजने लगे। जो छात्र परीक्षा देकर अपने घर लौट चुके थे, वे अब फिर से सीकर आने की तैयारी कर रहे हैं। कोचिंग संस्थानों में टेस्ट सीरीज, डाउट क्लासेज, लाइब्रेरी और सेल्फ स्टडी के लिए दोबारा भीड़ बढ़ने लगी है।
छात्रों और अभिभावकों का भरोसा डगमगाया
कई विद्यार्थियों ने कहा कि लगातार पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनका भरोसा परीक्षा प्रणाली और एजेंसियों पर कमजोर हो रहा है। छात्रों का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद जब परीक्षा रद्द होती है, तो मानसिक दबाव के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है।