जयपुर में सनसनीखेज अपराध: किडनैप कर युवक से लूटपाट, लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, मकान में छिपकर बचाई जान
जयपुर के कानोता इलाके में बदमाशों ने एक युवक को अगवा किया, उसके सभी गहने लूटे और लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। जान जोखिम में देख पीड़ित बदमाशों से भाग निकला और पास के एक मकान में छिपकर अपनी जान बचाई। कानोता पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जयपुर, 2 दिसंबर 2025: राजस्थान की राजधानी जयपुर में अपराध का एक ऐसा चेहरा सामने आया है, जो शहर की शांति को चुनौती दे रहा है। किडनैपिंग और लूटपाट का यह मामला कानोता थाना क्षेत्र में घटित हुआ, जहां अज्ञात बदमाशों ने एक युवक को अगवा कर उसके पास मौजूद सारे गहने लूट लिए। न केवल इतना, बल्कि लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। किसी तरह जान बचाने के लिए युवक बदमाशों के चंगुल से भागा और आसपास बने एक मकान में छिपकर अपनी जान बचाई। पीड़ित युवक ने थाने पहुंचकर बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है, और पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
घटना की पूरी कथा: कैसे हुआ अपहरण और लूट का खेल? जयपुर के व्यस्त इलाकों में अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि दिनदहाड़े किडनैपिंग जैसी घटनाएं आम हो चली हैं, शाम के समय कानोता क्षेत्र में अपने दैनिक कार्यों से लौट रहा था। अचानक कुछ अज्ञात बदमाशों ने उसे घेर लिया। स्रोतों के अनुसार, बदमाशों की संख्या 4-5 बताई जा रही है, जो मोटरसाइकिल या कार पर सवार होकर आए थे। उन्होंने युवक को जबरन एक सुनसान जगह पर ले जाकर किडनैप कर लिया।अगवा करने के बाद बदमाशों ने युवक के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। सबसे पहले उन्होंने उसके शरीर पर पहने हुए सभी गहनों—जैसे चेन, अंगूठी, कंगन आदि—को हिंसक तरीके से छीन लिया। अनुमान है कि लूटी गई संपत्ति का मूल्य हजारों रुपये में हो सकता है। लेकिन लूट पर ही उनका मन नहीं भरा। इसके बाद उन्होंने लाठी-डंडों से युवक को जमकर पीटा। चोटें इतनी गंभीर थीं कि युवक का शरीर खून से लथपथ हो गया। बदमाशों का मकसद शायद युवक को डराना या कुछ और जबरन वसूलना था, लेकिन सटीक मोटिव अभी स्पष्ट नहीं है। पीड़ित ने बताया कि बदमाशों ने उसे धमकी दी कि अगर उसने शोर मचाया तो जान से मार देंगे।
भागने की नाटकीय कहानी: मकान में छिपकर बची जान पीड़ित युवक ने अपनी जान बचाने के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया। मारपीट के दौरान ही उसने मौका ताड़ा और बदमाशों के चंगुल से छिटककर भाग निकला। अंधेरे और दर्द के बीच वह कुछ दूर तक दौड़ता रहा। आसपास के इलाके में बने एक आवासीय मकान में घुसकर वह छिप गया। मकान मालिक ने उसकी हालत देखी तो तुरंत मदद की और पुलिस को सूचना दी। यदि यह छिपना न होता, तो शायद युवक की जान पर बन जाती। स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र में रात के समय अंधेरे स्थानों की कमी नहीं है, जो अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बने हुए हैं।युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई है। चोटें गंभीर हैं, लेकिन जान का खतरा टल गया है। पीड़ित ने पूछताछ में बताया कि बदमाशों की पहचान उसे नहीं है, लेकिन वह उनके चेहरे याद रखेगा।