काला जठेड़ी को तिहाड़ में संतान सुख की अनुमति, लेडी डॉन अनुराधा बनेंगी मां
दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर काला जठेड़ी को IVF प्रक्रिया के लिए कोर्ट ने जेल में ही सैंपल देने की मंजूरी दी, लेकिन 6 घंटे की पैरोल की मांग खारिज कर दी। उनकी पत्नी अनुराधा चौधरी, उर्फ 'लेडी डॉन', गुरुग्राम के एक अस्पताल में IVF उपचार ले रही हैं। कोर्ट ने 14 जून को सुबह 6-7 बजे सैंपल लेने का आदेश दिया। जठेड़ी के वकील ने IVF की समय-संवेदनशीलता और अनुराधा के इलाज के उन्नत चरण का हवाला दिया। दोनों की शादी 12 मार्च 2024 को दिल्ली में हुई थी, जिसके लिए जठेड़ी को 6 घंटे की पैरोल मिली थी। अनुराधा और जठेड़ी दोनों कुख्यात अपराधी हैं, जिन पर कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह उनकी आपराधिक गतिविधियां नहीं, बल्कि पिता बनने की उनकी इच्छा है। दिल्ली की एक अदालत ने काला जठेड़ी को इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) प्रक्रिया के लिए तिहाड़ जेल में ही सैंपल देने की अनुमति दे दी है। हालांकि, जठेड़ी की 6 घंटे की अंतरिम पैरोल की मांग को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
काला जठेड़ी ने अपनी पत्नी अनुराधा चौधरी, जिन्हें 'लेडी डॉन' और 'मैडम मिंज' के नाम से भी जाना जाता है, के साथ संतान प्राप्ति के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनकी मांग थी कि IVF प्रक्रिया के लिए उन्हें 6 घंटे की पैरोल दी जाए। जठेड़ी के वकील रोहित कुमार दलाल ने कोर्ट में तर्क दिया कि IVF प्रक्रिया समय-संवेदनशील है और अनुराधा का इलाज गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में उन्नत चरण में है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दीपक वासन ने 9 जून 2025 को सुनवाई के बाद पैरोल की मांग को अस्वीकार कर दिया, लेकिन जेल के अंदर ही IVF प्रक्रिया की अनुमति दे दी। कोर्ट ने आदेश दिया कि 14 जून को सुबह 6 से 7 बजे के बीच गुरुग्राम के निजी अस्पताल की मेडिकल टीम तिहाड़ जेल में जठेड़ी से स्पर्म सैंपल एकत्र करे। कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित किया कि प्रक्रिया पूरी गोपनीयता और स्वच्छता के साथ हो, और सैंपल को 60 मिनट के भीतर अस्पताल पहुंचाया जाए।