लखनऊ में रिश्तों का खूनी अंत: दामाद ने सास-ससुर को चाकू से मौत के घाट उतारा
लखनऊ के आलमबाग में जगदीप ने अपनी पत्नी पूनम के माता-पिता, अनंतराम और आशा देवी, की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। पारिवारिक विवाद और पूनम के मायके में रहने से नाराज जगदीप ने पहले अनंतराम की गर्दन रेत दी, फिर आशा देवी पर हमला किया। पूनम ने बचाने की कोशिश की, लेकिन असफल रही। पड़ोसियों ने जगदीप को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पूनम, जो शिक्षिका है, अपनी पति की अय्याशी और मारपीट से तंग थी और मायके में रह रही थी। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
लखनऊ के आलमबाग इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। गढ़ी कनौरा में रहने वाली पूनम की जिंदगी उस वक्त उजड़ गई, जब उनके पति जगदीप ने उनके माता-पिता, अनंतराम (75) और आशा देवी (73), की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। यह वारदात पारिवारिक विवाद का नतीजा थी, जिसमें पूनम और जगदीप के बीच लंबे समय से चल रही अनबन ने खौफनाक मोड़ ले लिया। पूनम, जो पेशे से शिक्षिका है, अपने पति की शराबखोरी, मारपीट और अय्याशी से तंग आकर अप्रैल से अपने मायके में रह रही थी। इस दुखद घटना ने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि रिश्तों में विश्वास की नींव को भी हिला दिया।
क्या हुआ उस रात?
बुधवार रात करीब 8 बजे, जगदीप अपनी पत्नी पूनम को वापस ससुराल ले जाने की मंशा से गढ़ी कनौरा स्थित उनके मायके पहुंचा। पूनम और जगदीप की शादी को 10 साल हो चुके थे, लेकिन यह रिश्ता शुरुआत से ही तनावपूर्ण रहा। पूनम ने बताया कि जगदीप की शराबखोरी, मारपीट और गलत हरकतों ने उनकी जिंदगी नारकीय बना दी थी। उसने जगदीप के खिलाफ महिला आयोग में शिकायत भी दर्ज की थी, जिससे वह और नाराज था। उस रात जब पूनम ने उसके साथ जाने से मना किया, तो बातचीत कहासुनी में बदल गई। जगदीप ने पहले पूनम पर हमला किया और उसे थप्पड़ जड़ दिया। यह देखकर पूनम के पिता अनंतराम, जो रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से रिटायर कमांडो प्रशिक्षक थे, और मां आशा देवी ने बीच-बचाव की कोशिश की। इससे गुस्साए जगदीप ने अपने बैग से चाकू निकाला और अनंतराम की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने आशा देवी पर भी हमला किया, उनके पेट और गर्दन पर कई वार किए, जिससे वह भी लहूलुहान होकर गिर पड़ीं। दोनों को बचाने की पूनम की कोशिश नाकाम रही। वह अपने खून से लथपथ पिता से लिपटकर रोती रही, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।