कंधों पर मटके, पैरों में छाले… देश की आर्थिक राजधानी के पास बसा एक गांव, जहां हर सुबह शुरू होती है पानी की एक अनकही “सजा” के साथ
आर्थिक राजधानी के पास बसे इस गांव में लोग आज भी पानी के लिए 8 किमी पैदल चलते हैं, जहां हर दिन एक अनकही सजा जैसी जद्दोजहद झेलनी पड़ती है।
Maharashtra News: मुंबई से महज 122 किलोमीटर दूर स्थित डैपुरमाल गांव आज भी बुनियादी जरूरत पानी के लिए संघर्ष कर रहा है। यह गांव अपर वैतरणा बांध के ठीक ऊपर पहाड़ी क्षेत्र में बसा होने के बावजूद गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है।
यहां करीब 250 की आबादी वाले आदिवासी परिवारों को रोजाना पानी के लिए 8 किलोमीटर तक खतरनाक पहाड़ी और जंगलों के रास्तों से गुजरना पड़ता है। सुबह-सुबह महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग खाली मटके लेकर नीचे की ओर पैदल यात्रा शुरू करते हैं, जो कई बार जानलेवा साबित होती है।
