गिरफ्तारी के दौरान महेश जोशी ने कहा कि अगर वह खुद को निर्दोष साबित नहीं कर पाए तो ऐसा कदम उठाएंगे कि किसी को उनसे शिकायत नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि आज उनकी शादी की सालगिरह है और सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर उनकी दिवंगत पत्नी को “श्रद्धांजलि” दी है। उन्होंने कहा,“सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं हो सकता। मैं सच्चा हूं, लेकिन फिलहाल गिरफ्तारी से परेशान हूं क्योंकि यह कोई गर्व की बात नहीं है।” उनके इस बयान ने पूरे मामले को भावनात्मक मोड़ दे दिया है और सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा तेज हो गई है।
महेश जोशी ने दावा किया कि उन्हें ACB की ओर से अब तक कोई नोटिस नहीं मिला था। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए जिन लोगों के खिलाफ उन्होंने कार्रवाई की थी, आज उन्हीं लोगों के बयानों के आधार पर उन्हें फंसाया जा रहा है। पूर्व मंत्री ने कहा कि वह फिलहाल केस के तकनीकी पहलुओं पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन वह पूरी तरह निर्दोष हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि सच ज्यादा समय तक दबाया नहीं जा सकता।
पत्नी के निधन के बाद पहले भी चर्चा में रहे थे महेश जोशी
महेश जोशी पिछले साल भी काफी चर्चा में रहे थे, जब उनकी पत्नी कोशल देवी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। बताया जाता है कि उन्हें किडनी समेत कई गंभीर बीमारियां थीं और ब्रेन हेमरेज के बाद वे लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती थीं। उनके निधन से ठीक एक दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत से अनुमति लेकर अस्पताल में महेश जोशी की पत्नी से मुलाकात कराई थी। उस दौरान पूर्व मंत्री को सात दिन की पैरोल भी मिली थी।
ED पहले ही कर चुकी है गिरफ्तारी
जल जीवन मिशन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच पहले से ही ED कर रही है। इसी केस में ED ने महेश जोशी को पहले गिरफ्तार किया था। करीब सात महीने जेल में बिताने के बाद दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला पलटते हुए उन्हें जमानत दे दी थी। हालांकि अब ACB की कार्रवाई के बाद महेश जोशी एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं और उन्हें फिर से जेल जाना पड़ा है।
क्या है जल जीवन मिशन घोटाला?
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। लेकिन राजस्थान में इस योजना के तहत टेंडर प्रक्रिया, पाइप खरीद और ठेकों में कथित अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि करोड़ों रुपये के ठेकों में नियमों की अनदेखी की गई और फर्जी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। हालांकि इस मामले में अंतिम सच्चाई अदालत और जांच के निष्कर्षों के बाद ही साफ हो सकेगी।
राजनीति में बढ़ी हलचल
महेश जोशी की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, जबकि विपक्ष भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करार दे रहा है। अब सभी की नजर कोर्ट की अगली सुनवाई और ACB की जांच पर टिकी हुई है, क्योंकि यह मामला आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति को और गरमा सकता है।