मणिपुर पुलिस का सघन सर्च ऑपरेशन: बॉर्डर इलाकों से भारी मात्रा में हथियार-गोलाबारूद बरामद, एक कंटेंट क्रिएटर भी गिरफ्तार
मणिपुर पुलिस ने चुराचांदपुर के बोल्नियो क्षेत्र में बड़े सर्च ऑपरेशन के दौरान 7 प्रोजेक्टाइल लॉन्चर, 11 HE बम, देसी रायफलें, पिस्टल, बुलेटप्रूफ जैकेट सहित भारी मात्रा में हथियार-गोलाबारूद बरामद किए। हिंसा भड़काने के आरोप में 25 वर्षीय डिजिटल कंटेंट क्रिएटर युम्खेबम शांतिकुमार को भी गिरफ्तार किया गया।
इम्फाल, 25 नवंबर 2025: मणिपुर में जारी जातीय हिंसा और सुरक्षा चुनौतियों के बीच राज्य पुलिस ने सोमवार को एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। बॉर्डर क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार, गोलाबारूद और अन्य सैन्य सामग्री बरामद की। इस ऑपरेशन के दौरान एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर को भी गिरफ्तार किया गया, जो एक वायरल वीडियो से जुड़ा हुआ है। यह कार्रवाई राज्य में शांति बहाली और अवैध हथियारों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ऑपरेशन का दायरा और रणनीति; मणिपुर पुलिस ने सोमवार सुबह से ही विभिन्न बॉर्डर क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। यह अभियान राज्य के चुराचांदपूरा जिले के बोल्नियो क्षेत्र में केंद्रित था, जो म्यांमार सीमा के निकट स्थित है। पुलिस के अनुसार, यह इलाका लंबे समय से अवैध हथियार तस्करी और उग्रवादी गतिविधियों का केंद्र रहा है। ऑपरेशन में स्थानीय पुलिस बल के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें शामिल थीं। सर्च टीमों ने जंगलों, सीमावर्ती गांवों और संदिग्ध ठिकानों पर छापे मारे। सूत्रों के मुताबिक, यह अभियान राज्य सरकार की 'ऑपरेशन इरॉन फिस्ट' के तहत चलाया गया, जिसका उद्देश्य अवैध हथियारों के नेटवर्क को ध्वस्त करना है। मणिपुर में मई 2023 से चली आ रही कुकी-मेइतेई समुदायों के बीच हिंसा के बाद से ऐसे ऑपरेशनों की संख्या में इजाफा हुआ है, जिसमें अब तक सैकड़ों हथियार जब्त हो चुके हैं।
जब्त हथियारों और गोलाबारूद का विवरण; ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता चुराचांदपूरा जिले के बोल्नियो क्षेत्र से हुई बरामदगी थी। सुरक्षा बलों ने एक संदिग्ध ठिकाने से निम्नलिखित सामग्री बरामद की:7 प्रोजेक्टाइल लॉन्चर: ये उन्नत हथियार हैं, जो लंबी दूरी पर हमले के लिए इस्तेमाल होते हैं। इनकी मौजूदगी से पता चलता है कि इलाके में संगठित तस्करी का नेटवर्क सक्रिय था। 11 पंपी प्रोजेक्टाइल HE बम: ये हाई-एक्सप्लोसिव बम हैं, जो विस्फोटक क्षमता के कारण अत्यंत खतरनाक हैं। प्रत्येक बम की क्षमता से एक बड़े क्षेत्र को प्रभावित किया जा सकता है। 7 देसी रायफलें: स्थानीय स्तर पर निर्मित ये रायफलें आसानी से उपलब्ध होती हैं और विद्रोही समूहों द्वारा प्रचलित हैं। 2 पिस्टल: आधुनिक पिस्टलें, जो निकट युद्ध के लिए उपयोगी हैं। मैंगनीज और लाइव राउंड्स: भारी मात्रा में मैंगनीज (संभवतः मैग्नेटिक या धातु संबंधी सामग्री) के साथ सैकड़ों लाइव राउंड्स बरामद हुए, जो हथियारों को चार्ज करने के लिए आवश्यक हैं। बाओफेंग हैंडसेट: ये वायरलेस संचार उपकरण हैं, जो उग्रवादियों द्वारा कोडेड मैसेज भेजने के लिए इस्तेमाल होते हैं। कम से कम दो ऐसे हैंडसेट जब्त किए गए। 9 बुलेटप्रूफ जैकेट: ये सैन्य ग्रेड जैकेटें हैं, जो हमलों से बचाव के लिए डिजाइन की गई हैं। इनकी बरामदगी से संकेत मिलता है कि समूह एक सुनियोजित साजिश रच रहा था। पुलिस ने अनुमान लगाया है कि ये हथियार म्यांमार से तस्करी कर लाए गए थे, जहां उग्रवादी समूह सक्रिय हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। ऑपरेशन के दौरान कोई गोलीबारी नहीं हुई, लेकिन दो संदिग्ध फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।