मोदी सरकार की टैक्स कटौती से अर्थव्यवस्था को रफ्तार, हरियाणा मंत्री का दावा
मोदी सरकार ने GST को 5% और 18% के दो स्लैब में समेटा, रोजमर्रा की वस्तुएँ सस्ती, लग्जरी और तंबाकू उत्पादों पर 40% टैक्स। यह बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने जीएसटी दरों में व्यापक बदलाव की घोषणा की है, जिसका मकसद आम लोगों को राहत देना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा, "जीएसटी दरों में कमी से खरीदारी बढ़ेगी, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और अर्थव्यवस्था रॉकेट की रफ्तार से आगे बढ़ेगी।"
सिर्फ दो जीएसटी स्लैब: 5% और 18%
केंद्र सरकार ने बुधवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक में अहम फैसला लिया। अब जीएसटी के केवल दो स्लैब होंगे - 5% और 18%। पहले मौजूद 12% और 28% के स्लैब को खत्म कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था 22 सितंबर 2025 से लागू होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े सामान जैसे साबुन, तेल, शैंपू, घी और मक्खन पर अब केवल 5% जीएसटी लगेगा, जबकि लग्जरी सामान, तंबाकू उत्पादों और कोल्ड ड्रिंक्स पर 40% का विशेष स्लैब लागू होगा।
किसानों और इंश्योरेंस सेक्टर को राहत
कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। रोटी, पराठा, छेना और ब्रेड जैसी जरूरी खाद्य वस्तुओं को जीएसटी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। व्यक्तिगत हेल्थ इंश्योरेंस पर भी अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा। इसके अलावा, डायग्नोस्टिक सेवाओं और 350 सीसी से कम की बाइक पर 5% और 18% जीएसटी लागू होगा।