पंचायत चुनाव का इंतजार खत्म होने के करीब! ओबीसी आरक्षण पर तेज हुई हलचल.
राजस्थान में पंचायत निकाय चुनावों की अटकी प्रक्रिया अब आगे बढ़ती नजर आ रही है। ओबीसी आरक्षण तय करने में बाधा बने करीब 400 ग्राम पंचायतों और कुछ पंचायत समितियों के लंबित जनसंख्या आंकड़े पंचायत राज विभाग द्वारा राज्य ओबीसी आयोग को भेजे जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने 31 जुलाई से पहले चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद सरकार और आयोग स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। परिसीमन के बाद पंचायत संस्थाओं और वार्डों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।
जयपुर: प्रदेश में पंचायत निकाय चुनावों को लेकर लंबे समय से बनी असमंजस की स्थिति अब खत्म होती दिखाई दे रही है। पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय करने की प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा बने जनसंख्या संबंधी लंबित आंकड़ों को अब जुटाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। पंचायत राज विभाग इन आंकड़ों को राज्य ओबीसी आयोग तक पहुंचाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है, जिससे चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना मजबूत हो गई है।
400 ग्राम पंचायतों का अधूरा डेटा बना बड़ी चुनौती
जानकारी के अनुसार लगभग 400 ग्राम पंचायतों और कुछ पंचायत समितियों के जनसंख्या आंकड़े अधूरे होने से आरक्षण रिपोर्ट तैयार नहीं हो पा रही थी। राज्य ओबीसी आयोग ने फरवरी में सरकार को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया था। आयोग का कहना था कि अधूरी जानकारी के आधार पर आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं है।