"मरना है तो मरो, बस नहीं रोकूंगा..." सिगरेट के कश लगाते ड्राइवर की ज़िद ने 9 यात्रियों को जिंदा जलाया!
ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर दिल्ली से महोबा जा रही राज कल्पना ट्रैवल्स की स्लीपर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की दर्दनाक मौत। यात्रियों की चेतावनी के बावजूद ड्राइवर की लापरवाही बनी हादसे का कारण।
yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
September 24, 2026 • 2:06 PM 494
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“"मरना है तो मरो, बस नहीं रोकूंगा..." सिगरेट के कश लगाते ड्राइवर की ज़िद ने 9 यात्रियों को जिंदा जलाया!”
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24 Sep 2026
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उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बुधवार रात यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही एक स्लीपर AC बस में अचानक भीषण आग लग गई। इस खौफनाक हादसे में 9 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जिनमें 8 पुरुष और एक महिला शामिल हैं। बस में कुल 35 यात्री सवार थे, जिनमें से 20 को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। कई यात्रियों ने बस की खिड़कियां तोड़कर अपनी जान बचाई।
हादसे का समय और कारण
हादसा रात करीब 11:30 बजे जेवर एयरपोर्ट से महज 500 मीटर की दूरी (किलोमीटर 33 के पास) पर हुआ। चीफ फायर ऑफिसर (CFO) प्रदीप कुमार के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस के AC में स्पार्क या ब्लास्ट होने के कारण इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल में आग लगी, जो चंद मिनटों में पूरी बस में फैल गई।
इस पूरी घटना में बस के ड्राइवर और कंडक्टर की आपराधिक लापरवाही सामने आई है। जेवर थाने में दर्ज FIR में हमीरपुर निवासी यात्री सुनील कुमार ने बताया कि कुछ देर चलने के बाद ही ड्राइवर केबिन से जलने की गंध आने लगी थी। जब यात्रियों ने शिकायत की, तो ड्राइवर ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और कहा कि 'बस में ऐसी बदबू आती रहती है।'
आरोप है कि गंध आने के बावजूद ड्राइवर और कंडक्टर केबिन में सिगरेट पी रहे थे और यात्रियों के विरोध पर हंस रहे थे। जब आग की लपटें तेज हुईं और यात्रियों ने बस रोकने को कहा, तो ड्राइवर ने बस तेज कर दी और डांटते हुए कहा- "मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे।" जब धुएं से दम घुटने लगा और यात्रियों ने शीशे तोड़ने शुरू किए, तब जाकर बस रोकी गई। पुलिस ने बस ड्राइवर पवन और कंडक्टर योगेश को गिरफ्तार कर लिया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और दर्दनाक मंजर
सूचना मिलते ही पुलिस पेट्रोलिंग टीम 10 मिनट में मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों ने करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बस पूरी तरह खाक हो चुकी थी।
शवों को काटकर निकाला गया: आग बुझने के बाद फायर कर्मियों को बस का पिछला हिस्सा काटकर अंदर जाना पड़ा। अंदर से 9 बुरी तरह जले हुए शव निकाले गए।
शिनाख्त में मुश्किल: SHO जेवर के अनुसार, शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है। इसके लिए DNA जांच का सहारा लिया जा सकता है।
अपनों की तलाश में भटकते परिजन
हादसे के बाद का मंजर बेहद हृदयविदारक है।
रेखा भारद्वाज (घायल यात्री): जेवर के आरोग्य अस्पताल में भर्ती रेखा ने बताया, "मैं पति के साथ जा रही थी। अचानक धुआं भर गया और भगदड़ मच गई। मैं गिर गई, लोग मेरे ऊपर से निकल गए। बाहर कैसे आई पता नहीं, लेकिन मेरे पति का अब तक कोई सुराग नहीं है।"
प्रदीप गुप्ता (दिल्ली): अपनी सास ऊषा देवी की तलाश में अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। रात 10 बजे उनकी बात हुई थी।
बिलखते मासूम: मयंक और सरोज गुप्ता नाम के बच्चे पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे, लेकिन अपने परिजनों की कोई जानकारी न मिलने पर फूट-फूट कर रोने लगे।
बस का काला चिट्ठा: 19 चालान और मानकों की अनदेखी
जिस बस (नंबर: BR 32 PA 8647) में यह हादसा हुआ, वह 'राज कल्पना ट्रैवल्स' की थी। दस्तावेजों के मुताबिक:
बस का रजिस्ट्रेशन बिहार के मधुबनी का है, फिटनेस प्रमाण पत्र राजस्थान से और प्रदूषण प्रमाण पत्र हरियाणा से जारी हुआ था।
बस मध्य प्रदेश से संचालित होती थी।
गौतमबुद्ध नगर RTO के अनुसार, बस की ऊंचाई मानकों (3.8 मीटर) से अधिक (4.1 मीटर) पाई गई।
इस बस पर अब तक 19 चालान हो चुके हैं, जिन पर 1 लाख 75 हजार 500 रुपये का जुर्माना लंबित है (वर्ष 2024 से)। बिना लाइसेंस, परमिट और माल ढोने के मामले में भी इसके चालान हुए हैं।
सरकार का एक्शन और मुआवजा
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोक: पीएम नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। दोनों ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है।
लाइसेंस रद्द: यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि ड्राइवर का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। जांच के आधार पर बस मालिक और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय विधायक की मदद: जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने शोक जताते हुए कहा कि वह अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जानेंगे और मुख्यमंत्री की ओर से घोषित सहायता राशि के चेक सौंपेंगे।
हालिया बड़े बस हादसे (एक नज़र)
16 दिसंबर: मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते 8 बसें और 3 कारें टकराईं; 19 की मौत।
26 अक्टूबर: लखनऊ में आगरा एक्सप्रेस-वे पर चलती AC बस का टायर फटने से आग लगी; 70 यात्री सुरक्षित बचे।
24 अक्टूबर: आंध्र प्रदेश के कुरनूल में एसी बस और बाइक की टक्कर के बाद आग; 20 लोग जिंदा जले।
14 अक्टूबर: जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर चलती एसी स्लीपर बस में आग; 28 यात्रियों की दर्दनाक मौत।