PM मोदी-ब्राजील के राष्ट्रपति की मुलाकात, BRICS शिखर सम्मेलन में भारत का दमदार प्रदर्शन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में 17वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति लुइज़ इंसियो लूला दा सिल्वा से मुलाकात की। उन्होंने BRICS को आर्थिक सहयोग और वैश्विक भलाई का मजबूत मंच बताया। रियो में भारतीय प्रवासियों ने उनका भव्य स्वागत किया। ब्रासीलिया में द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, रक्षा, और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर होगा। यह 57 साल बाद किसी भारतीय PM की ब्राजील की पहली द्विपक्षीय यात्रा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के चौथे पड़ाव में ब्राजील पहुंचे हैं, जहां उन्होंने रियो डी जेनेरियो में आयोजित 17वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इंसियो लूला दा सिल्वा के साथ महत्वपूर्ण मुलाकात की। यह मुलाकात 6 जुलाई 2025 को हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर गहन चर्चा की। मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति लूला के साथ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि वे इस वर्ष के BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए ब्राजील और राष्ट्रपति लूला के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने BRICS को वैश्विक आर्थिक सहयोग और मानव कल्याण के लिए एक प्रभावी मंच बताया, जो वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूती प्रदान करता है।
BRICS शिखर सम्मेलन और भारत की भूमिका
6-7 जुलाई 2025 को रियो डी जेनेरियो में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में PM मोदी ने भारत का नेतृत्व किया। BRICS (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) के इस मंच पर वैश्विक शासन सुधार, जलवायु परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल अर्थव्यवस्था, और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जैसे प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। भारत ने अपनी 'विकास के लिए डिजिटल परिवर्तन' और 'सबका साथ, सबका विकास' की नीति को रेखांकित करते हुए सतत विकास और समावेशी वृद्धि पर जोर दिया। PM मोदी ने BRICS के नए सदस्य देशों—मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, और संयुक्त अरब अमीरात—के साथ सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।