सियासत, शादी और धोखा? पूर्व विधायक के पति ने धोखे से लिया था तलाक, कोर्ट ने कहा- 'खेल अभी खत्म नहीं हुआ!
जालोर की पूर्व भाजपा विधायक अमृता मेघवाल के पारिवारिक विवाद में नया मोड़ आया है। जालोर पारिवारिक न्यायालय ने पति बाबूलाल द्वारा लिए गए एकतरफा तलाक को निरस्त कर दिया है।
राजस्थान के जालोर जिले की पूर्व भाजपा विधायक अमृता मेघवाल का पारिवारिक विवाद एक बार फिर से सुर्खियों में छा गया है। जालोर पारिवारिक न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उनके पति बाबूलाल की ओर से करीब दो साल पहले लिए गए एकतरफा तलाक (Ex-parte Divorce) को रद्द कर दिया है। अदालत ने इस मामले की मूल कार्यवाही को फिर से बहाल कर दिया है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले में नया मोड़ आ गया है।
तलाक मिलने के बाद पति बाबूलाल ने दूसरी शादी भी कर ली
जालोर पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश अमर वर्मा ने 21 अगस्त 2026 को यह अहम फैसला सुनाया। पूर्व विधायक अमृता मेघवाल ने अपनी याचिका में तर्क दिया था कि तलाक की प्रक्रिया के दौरान उनके पति ने नोटिस उस पते पर भेजे जहां वह रहती ही नहीं थीं। इसके अलावा, जिस अखबार में तलाक का नोटिस प्रकाशित करवाया गया, उसकी प्रसार संख्या राजस्थान में नाममात्र की थी।
न्यायालय ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए माना कि अमृता को कानूनी रूप से नोटिस की समुचित तामील नहीं हुई थी और उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। अदालत ने पूर्व में पारित एकतरफा तलाक की डिक्री को निरस्त कर दिया है और दोनों पक्षों को फिर से सुनवाई का अवसर दिया है। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि तलाक मिलने के बाद पति बाबूलाल ने दूसरी शादी भी कर ली है।