64 साल का साथ, मौत भी नहीं कर पाई जुदा: बुजुर्ग दंपती का एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार
जालोर के भवराणी गांव में 'साथ जिएंगे, साथ मरेंगे' की कहावत सच साबित हुई। 90 वर्षीय पत्नी के निधन का सदमा 89 वर्षीय पति बर्दाश्त नहीं कर सके और डेढ़ घंटे बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।
राजस्थान के जालोर जिले से सच्चे प्रेम और अटूट बंधन की एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के भवराणी गांव में एक बुजुर्ग दंपती ने जीवन के 64 वसंत एक-दूसरे के साथ देखने के बाद, दुनिया को भी एक साथ ही अलविदा कहा। 90 वर्षीय पत्नी पुनी देवी के निधन का सदमा 89 वर्षीय पति दरगाराम प्रजापत बर्दाश्त नहीं कर सके और महज डेढ़ घंटे के भीतर उन्होंने भी अपने प्राण त्याग दिए। दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकली और एक ही चिता पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
पत्नी के निधन के डेढ़ घंटे बाद पति ने भी तोड़ा दम
परिजनों के अनुसार, शनिवार सुबह पुनी देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। चक्कर आने के बाद सुबह करीब 11 बजे उनका देहांत हो गया। जब पोती पिंकी ने यह दुखद खबर अपने दादा दरगाराम को दी, तो वे गहरे सदमे में चले गए। अपनी जीवनसंगिनी के बिछड़ने का गम उन पर इस कदर हावी हुआ कि दोपहर 12:30 बजे दरगाराम ने भी घर पर अपनी अंतिम सांस ली। एक ही दिन में परिवार के दो बड़े बुजुर्गों के उठ जाने से पूरा गांव गमगीन हो गया।