"खींवसर विधायक के वायरल पत्र पर सियासी घमासान: गजेंद्र सिंह खींवसर ने ज्योति मिर्धा के आरोपों को बताया ओछा, कार्रवाई की तैयारी में BJP"
विधायक रेवंतराम डांगा द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखा गया एक गोपनीय पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना ने न केवल पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को उजागर किया, बल्कि नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू कर दिया।
रिपोर्ट जसवंत सिंह शिवकर - राजस्थान की सियासत में पिछले दिनों एक नया तूफान खड़ा हो गया, जब खींवसर से बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखा गया एक गोपनीय पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना ने न केवल पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को उजागर किया, बल्कि नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू कर दिया। इस मामले में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए साफ कहा कि उनका नाम इस विवाद में घसीटना पूरी तरह गलत है। उन्होंने इसे "बिना सबूत के लगाया गया ओछा आरोप" करार देते हुए कहा, "मैं मंत्री पद पर हूं और मेरे पास कई जिम्मेदारियां हैं। ऐसी सियासी साजिशों के लिए मेरे पास न समय है, न इच्छा।"
पत्र वायरल होने की पृष्ठभूमि
रेवंतराम डांगा ने अपने पत्र में खींवसर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों और तबादलों में कथित अनदेखी का मुद्दा उठाया था। यह पत्र मुख्यमंत्री को संबोधित था और इसे गोपनीय माना जा रहा था। लेकिन सोशल मीडिया पर इसके वायरल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई। सूत्रों के मुताबिक, डांगा ने पत्र में यह भी संकेत दिया था कि उनकी सिफारिशों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की सिफारिशों को प्राथमिकता दी जा रही है। इस पत्र के सार्वजनिक होने से बीजेपी के अंदरखाने की कलह सतह पर आ गई।