राजस्थान में 'गांव की सरकार' के गठन का इंतजार कर रहे हजारों दावेदारों के लिए एक बड़ी और अहम खबर है। लंबे समय से पंचायती राज चुनाव 2026 की आरक्षण स्थिति साफ होने का इंतजार कर रहे नेताओं की धड़कनें अब तेज हो गई हैं। राज्य सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने आरक्षण लॉटरी की नई तारीखों का ऐलान कर दिया है।
पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगाराम की ओर से 16 सितंबर की रात जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब सरपंच, प्रधान और वार्ड पंचों के लिए आरक्षण लॉटरी 23 और 24 सितंबर 2026 को निकाली जाएगी। इस आदेश के बाद से गांवों में चुनावी चौपालों पर राजनीतिक गुणा-भाग ने नई दिशा ले ली है।
शासन सचिव डॉ. जोगाराम द्वारा जिला कलेक्टरों और उपखंड अधिकारियों को जारी किए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, लॉटरी की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी:
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23 सितंबर 2026 (जिला स्तर): प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टर के निर्देशन में जिला परिषद सदस्यों, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी।
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24 सितंबर 2026 (उपखंड स्तर): इसके ठीक अगले दिन, प्रदेश के सभी उपखंड मुख्यालयों पर संबंधित एसडीएम (SDM) की मौजूदगी में सरपंच और वार्ड पंच के पदों का आरक्षण तय करने के लिए लॉटरी निकाली जाएगी।
क्यों टाली गई थी पहले की तारीखें?
इससे पहले पंचायती राज विभाग ने संशोधित कार्यक्रम जारी करते हुए 17 और 18 सितंबर को आरक्षण लॉटरी निकालने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन, प्रदेश में चल रहे शहरी निकाय चुनावों के व्यस्त कार्यक्रम के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। दरअसल, 17 सितंबर को निकाय चुनावों में अध्यक्ष पद के नामांकन पत्रों की जांच होनी है, और 18 सितंबर को नाम वापसी व चुनाव चिह्न आवंटन का काम है। इसके बाद 21 और 22 सितंबर को मतदान होना है। ऐसे में जिला कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस-प्रशासन का पूरा अमला इन चुनावों में व्यस्त है। इसी प्रशासनिक व्यस्तता को देखते हुए लॉटरी की तारीखों को आगे खिसकाया गया है।
15 नवंबर तक पूरी करनी है चुनाव प्रक्रिया
विभाग द्वारा जारी पत्र में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का भी स्पष्ट हवाला दिया गया है। कोर्ट के निर्देशानुसार, राज्य सरकार पंचायती राज संस्थाओं की पूरी चुनावी प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक हर हाल में संपन्न कराने के लिए कृत संकल्पित है।
जिला प्रमुखों का आरक्षण पहले ही हो चुका है तय
गौरतलब है कि पंचायती राज चुनाव की इस अहम प्रक्रिया के तहत, जिला परिषद के 'जिला प्रमुख' पदों के लिए आरक्षण का निर्धारण पिछले महीने 13 अगस्त 2026 को ही पूरा किया जा चुका है। अब सबकी निगाहें 23 और 24 सितंबर पर टिकी हैं, जब यह तय हो जाएगा कि किस गांव और पंचायत समिति की सीट किस वर्ग (SC/ST/OBC/General/Women) के खाते में जाएगी।
लॉटरी की तस्वीर साफ होते ही 'द खटक' के माध्यम से गांवों में दावेदारों का असली चुनावी प्रचार और जनसंपर्क अभियान पूरी रफ़्तार पकड़ लेगा।