राजस्थान में खेजड़ी संरक्षण बिल की देरी पर हरीश चौधरी का तीखा हमला: कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही रोकने का प्रस्ताव रखा
राजस्थान विधानसभा में बायतु विधायक हरीश चौधरी ने सरकार पर खेजड़ी संरक्षण बिल लाने में देरी का आरोप लगाया। कांग्रेस ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में प्रस्ताव रखा कि बिल पेश होने तक सदन की कार्यवाही आगे न बढ़ाई जाए। चौधरी ने कहा कि सरकार ने वादा किया था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि मरुस्थल में खेजड़ी पर्यावरण, कृषि और ग्रामीण जीवन का आधार है। कांग्रेस इस मुद्दे को हर मंच पर उठाएगी ताकि राजस्थान की इस प्राकृतिक धरोहर की रक्षा हो सके।
जयपुर/बाड़मेर: राजस्थान विधानसभा में खेजड़ी वृक्ष संरक्षण को लेकर राजनीतिक गहमागहमी तेज हो गई है। बायतु विधायक और पूर्व मंत्री हरीश चौधरी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने खेजड़ी के पेड़ों को कानूनी सुरक्षा देने के लिए विशेष बिल लाने का वादा किया था, लेकिन अब तक यह बिल विधानसभा में पेश नहीं किया गया है। उन्होंने इस देरी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
शुक्रवार शाम को विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में कांग्रेस दल ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव में स्पष्ट कहा गया कि जब तक खेजड़ी संरक्षण से संबंधित विधेयक विधानसभा के पटल पर नहीं रखा जाता, तब तक सदन की अन्य कार्यवाही को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। यह प्रस्ताव खेजड़ी के मुद्दे को कितना गंभीरता से लिया जा रहा है, इसका स्पष्ट संकेत देता है।
हरीश चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "सरकार ने खेजड़ी के पेड़ों को कानूनी संरक्षण देने के लिए कानून लाने की घोषणा की थी। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है और प्रदेश में लगातार खेजड़ी के पेड़ काटे जा रहे हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि यह देरी बिल्कुल सही नहीं है और सरकार को अपने वादे के अनुसार तुरंत बिल लाना चाहिए।