राजस्थान में उभर रहा नया 'इंडस्ट्रियल सिटी'! 243 करोड़ की बिजली-पानी व्यवस्था, 1200+ प्लॉट तैयार – पश्चिमी राजस्थान बनेगा औद्योगिक पावरहाउस.
राजस्थान के जोधपुर-पाली-मारवाड़ में दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत JPMIA परियोजना अंतिम चरण में है। यह राज्य की पहली 'रेडी टू इन्वेस्ट टाउनशिप' होगी, जो एक नया इंडस्ट्रियल सिटी बनेगा। पहले चरण में 1279 प्लॉट, 243 करोड़ की बिजली-पानी व्यवस्था, भूमि अधिग्रहण पूरा होने वाला है। 2028 तक तीन चरणों में विस्तार से पश्चिमी राजस्थान औद्योगिक हब बनेगा, रोजगार और निवेश बढ़ेगा।
जोधपुर-पाली-मारवाड़ क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के तहत शुरू हो रही जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया (जेपीएमआईए) परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से यह प्रोजेक्ट पश्चिमी राजस्थान को एक विशाल औद्योगिक हब में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में इसकी समीक्षा की और इसे क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर बताया। यह राजस्थान की पहली 'रेडी टू इन्वेस्ट टाउनशिप' होगी, जो सिर्फ औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक पूर्ण इंडस्ट्रियल टाउनशिप और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित की जाएगी। इसमें उद्योग, व्यापार, आवासीय सुविधाएं और आधुनिक अवसंरचना का एकीकृत मॉडल होगा – इसे सचमुच एक 'नया शहर' कहा जा सकता है!
भूमि अधिग्रहण और चरणबद्ध विकास
रीको (RIICO) और एनआईसीडीसी (NICDIT) की संयुक्त कंपनी राजस्थान इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (रिडको) इस प्रोजेक्ट को संभाल रही है।