राजस्थान में पंचायती राज चुनाव टलेंगे या होंगे?हाईकोर्ट के एक फैसले पर टिकी सबकी नजरें..
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर नया अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार ने चुनाव टालने के लिए हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है, जिस पर 11 मई को सुनवाई होगी। वहीं, अवमानना याचिकाओं पर 18 मई को सुनवाई तय हुई है। सरकार ने OBC आरक्षण, शिक्षकों की ड्यूटी, गर्मी और अन्य व्यावहारिक कारणों का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय मांगा है।
राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार द्वारा चुनाव टालने की मांग के बाद अब मामला राजस्थान हाईकोर्ट में पहुंच चुका है। हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई के लिए 11 मई की तारीख तय की है, जिससे पूरे प्रदेश की नजरें इस फैसले पर टिकी हुई हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, राज्य सरकार ने अदालत में एक प्रार्थना पत्र पेश कर चुनाव करवाने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है। सरकार का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में निर्धारित समयसीमा के भीतर चुनाव कराना संभव नहीं है। खासतौर पर ओबीसी वर्ग के लिए सीटों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है, जो चुनाव में देरी का बड़ा कारण बताया जा रहा है।