राजस्थान में ‘सार्थक नाम अभियान’ फिलहाल रुका विवाद के बाद शिक्षा विभाग ने पीछे खींचे कदम, अब माता-पिता पर छोड़ा फैसला!

राजस्थान में शिक्षा विभाग द्वारा शुरू किया गया ‘सार्थक नाम अभियान’ विवाद के चलते फिलहाल रोक दिया गया है। इस अभियान का उद्देश्य स्कूलों में बच्चों के अटपटे या अर्थहीन नाम बदलना था, लेकिन सूची जारी होने के बाद अभिभावकों ने विरोध जताया। अब विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के नाम बदलने का फैसला पूरी तरह माता-पिता की सहमति पर निर्भर रहेगा।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
April 20, 2026 • 11:00 AM  14
राजस्थान
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राजस्थान में ‘सार्थक नाम अभियान’ फिलहाल रुका विवाद के बाद शिक्षा विभाग ने पीछे खींचे कदम, अब माता-पिता पर छोड़ा फैसला!
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20 Apr 2026
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राजस्थान में ‘सार्थक नाम अभियान’ फिलहाल रुका विवाद के बाद शिक्षा विभाग ने पीछे खींचे कदम, अब माता-पिता पर छोड़ा फैसला!

राजस्थान में स्कूली बच्चों के नामों को लेकर शुरू किया गया ‘सार्थक नाम अभियान’ फिलहाल रोक दिया गया है। यह अभियान राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ऐसे नामों को बदलना था जिन्हें “अर्थहीन” या “अटपटे” माना जा रहा था। हालांकि, इस पहल के सामने आते ही यह विवादों में घिर गया और अब विभाग ने इसे स्थगित करने का निर्णय लिया है।

जानकारी के अनुसार, विभाग ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के नामों का एक डेटा तैयार किया था। इसमें ऐसे नामों की पहचान की गई थी, जो या तो गलत वर्तनी वाले थे, या जिनका कोई स्पष्ट अर्थ नहीं निकलता था। इसके बाद इन नामों को बदलकर “सार्थक” नाम रखने की योजना बनाई गई थी, ताकि बच्चों को भविष्य में किसी तरह की सामाजिक असहजता का सामना न करना पड़े।

लेकिन जैसे ही इस संबंध में सूची सामने आई, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों से विरोध शुरू हो गया। कई लोगों ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक अधिकारों में दखल बताया। उनका कहना था कि बच्चों के नाम रखना माता-पिता का अधिकार है और इसमें सरकारी हस्तक्षेप उचित नहीं है।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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