धौलपुर में बाढ़ का संकट गहराया: पार्वती बांध के 6 गेट खोले, नदियां उफान पर.
धौलपुर में भारी बारिश और पार्वती बांध के 6 गेट खोलने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बांध से 9831 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे पार्वती और चंबल नदी का जलस्तर बढ़ा। जिले के कई बांध ओवरफ्लो हैं, 50-60 गांवों पर बाढ़ का संकट है। खेतों में फसलें बर्बाद हो रही हैं, और प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान के धौलपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। जिले के सबसे बड़े पार्वती बांध के 6 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे पार्वती नदी में 9831 क्यूसेक पानी की रिलीज हो रही है। यह इस सावन महीने में तीसरी बार है जब बांध के गेट खोलने पड़े हैं। बारिश के कारण जिले के कई बांध और जलाशय अपनी भराव क्षमता को पार कर चुके हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
बांध का जलस्तर और पानी की रिलीज
पार्वती बांध की भराव क्षमता 223.41 मीटर है, और हाल ही में करौली और धौलपुर के डांग क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण बांध का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बांध के गेज को नियंत्रित करने के लिए 6 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है। इससे पार्वती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते नदी के किनारे बसे करीब 50 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा, उर्मिला सागर बांध भी ओवरफ्लो हो चुका है, जिसके कारण प्रशासन को धौलपुर-करौली हाईवे को खनपुरा के पास काटकर पानी डाइवर्ट करना पड़ा। जिले में चंबल नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान 130.79 मीटर से ऊपर 133.40 मीटर तक पहुंच गया है, जिससे सरमथुरा, बाड़ी, धौलपुर, और राजाखेड़ा उपखंड के लगभग 60 गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।