सीकर के खाटूश्यामजी में मंदिर मार्ग बंद करने का विवाद गहराया: पुजारी-सेवक महासंघ ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, आंदोलन की चेतावनी
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूश्यामजी मंदिर के एक प्रमुख मार्ग को प्रशासन द्वारा जेसीबी से बंद करने के फैसले का पुजारी-सेवक महासंघ ने कड़ा विरोध किया है। महासंघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वर्षों पुराने इस रास्ते को तुरंत खोलने और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि इससे लाखों श्रद्धालुओं को दर्शन में भारी असुविधा हो रही है।
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां हर साल लाखों भक्त बाबा श्याम के दर्शन के लिए आते हैं, खासकर एकादशी, मेले और नए साल के मौके पर भीड़ अभूतपूर्व होती है। लेकिन हाल ही में मंदिर जाने वाले एक प्रमुख मार्ग को बंद करने के प्रशासनिक फैसले ने विवाद को जन्म दे दिया है, जिससे स्थानीय पुजारी और सेवक आक्रोशित हैं।
विवाद की जड़: वर्षों पुराना मार्ग अचानक बंद 29 दिसंबर 2025 को खाटूश्यामजी के एसडीएम मोनिका सामोर और नगर पालिका के ईओ ओमप्रकाश ने खसरा नंबर 2481 पर स्थित एक मार्ग को आम रास्ता मानते हुए बंद कराने की कार्रवाई की। पुजारी-सेवक महासंघ (रजि.) का दावा है कि यह रास्ता दशकों से श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर पहुंचने के लिए उपयोग किया जा रहा है। यह मार्ग बाबा खाटूश्यामजी के दर्शनार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे लाखों भक्तों की सुविधा होती थी।महासंघ के अनुसार, प्रशासन ने बिना किसी उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए और बिना पूर्व सूचना दिए मौके पर जेसीबी मशीन लगाकर रास्ते को पूरी तरह बंद करा दिया। इससे न केवल स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से मेले या त्योहारों के दौरान जब श्रद्धालुओं की संख्या करोड़ों में पहुंच जाती है, ऐसे में वैकल्पिक रास्तों पर दबाव बढ़ जाएगा।