हाईकोर्ट की सख्ती: 5 दिन में पंचायत-निकाय चुनाव की तारीख बताएं, चुनाव आयुक्त को अवमानना की चेतावनी

राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और नगर निकाय चुनाव में हो रही देरी पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य चुनाव आयोग को पांच दिन के भीतर चुनाव की तारीख बताने का निर्देश दिया है। अदालत ने चुनाव आयुक्त से अवमानना की कार्रवाई पर सवाल उठाए और राज्य सरकार से ओबीसी आरक्षण रिपोर्ट व लॉटरी प्रक्रिया की समय-सीमा भी सोमवार तक बताने को कहा है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 16, 2026 • 3:30 PM  3
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हाईकोर्ट की सख्ती: 5 दिन में पंचायत-निकाय चुनाव की तारीख बताएं, चुनाव आयुक्त को अवमानना की चेतावनी
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हाईकोर्ट की सख्ती: 5 दिन में पंचायत-निकाय चुनाव की तारीख बताएं, चुनाव आयुक्त को अवमानना की चेतावनी

जयपुर। राजस्थान में लंबे समय से लंबित पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह पांच दिन के भीतर, यानी सोमवार तक पंचायत और निकाय चुनाव की तारीख घोषित करने की जानकारी अदालत को दे।

सुनवाई के दौरान राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह और ओबीसी आयोग के सदस्य सचिव भी अदालत में मौजूद रहे। कोर्ट ने चुनाव आयोग और राज्य सरकार दोनों से चुनाव प्रक्रिया में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई।

चुनाव आयुक्त से पूछा- अवमानना की कार्रवाई क्यों न करें?

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयुक्त से तीखा सवाल किया कि "आप क्यों चाहते हैं कि हम आपके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करें? पहले भी हमने 15 अप्रैल की समय-सीमा तय की थी, लेकिन आपने उसके बाद का कार्यक्रम जारी किया। क्या आपको अदालत के आदेशों की परवाह नहीं है?"

इस पर चुनाव आयुक्त ने अदालत को बताया कि चुनाव आयोग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से आरक्षण का वर्गीकरण और लॉटरी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया जा सका। यदि सरकार लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर दे तो आयोग दो दिन के भीतर चुनाव प्रक्रिया शुरू कर सकता है।

ओबीसी आयोग को भी फटकार

हाईकोर्ट ने ओबीसी आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि 9 मई 2025 को सरकार ने आयोग का गठन तीन महीने के लिए किया था, लेकिन अब तक आयोग अपनी रिपोर्ट क्यों नहीं दे पाया? कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि आयोग से काम नहीं हो रहा है तो स्पष्ट रूप से मना कर देना चाहिए।

सरकार से भी मांगी जानकारी

खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह सोमवार तक यह बताए कि ओबीसी आयोग अपनी रिपोर्ट कब तक देगा और आरक्षण से जुड़ी लॉटरी प्रक्रिया किस तारीख को पूरी की जाएगी।

पहले भी दिए थे 31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेश

गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 22 मई को अपने आदेश में राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को 31 जुलाई तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इसी को लेकर अदालत ने शुक्रवार की सुनवाई में कड़ा रुख अपनाते हुए चुनाव आयोग और सरकार दोनों से जवाब मांगा है।

अब इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी, जिसमें चुनाव आयोग को चुनाव की तारीख और राज्य सरकार को आरक्षण संबंधी प्रक्रिया की समय-सीमा अदालत के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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