राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव से पहले अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी कड़ी में राज्य OBC आयोग शुक्रवार, 10 जुलाई से प्रदेशभर में OBC परिवारों का घर-घर सर्वे शुरू करेगा। यह सर्वे 23 जुलाई तक चलेगा, जिसमें नियुक्त कर्मचारी ऑनलाइन माध्यम से परिवारों का डेटा जुटाएंगे। आयोग की रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही पंचायत और नगर निकाय चुनावों में OBC आरक्षण का अंतिम निर्धारण होगा, जिसके आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा।
राज्य सरकार की ओर से सभी जिला कलेक्टरों को सर्वे के लिए नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी और प्रगणकों की नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं। 10 जुलाई से 23 जुलाई तक प्रदेशभर में OBC परिवारों का ऑनलाइन सर्वे किया जाएगा। इस दौरान कर्मचारी घर-घर जाकर आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे, जिसे आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करने में उपयोग करेगा।
आयोग ने सरकार को लिखा पत्र
OBC आयोग ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सर्वे कार्य में देरी की आशंका जताई है। आयोग का कहना है कि सरकार ने 10 जुलाई तक कर्मचारियों के तबादलों से प्रतिबंध हटाया हुआ है और कई विभागों में बड़े स्तर पर स्थानांतरण किए जा रहे हैं। यदि सर्वे में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों का भी तबादला कर उन्हें नई जगह कार्यभार ग्रहण करने के लिए भेजा गया, तो सर्वे प्रभावित हो सकता है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि सर्वे कार्य में लगे कर्मचारियों को बीच में रिलीव किए जाने से निर्धारित समय में सर्वे पूरा करना मुश्किल होगा और आयोग की अंतिम रिपोर्ट तैयार होने में अनावश्यक देरी हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत तैयार होगी रिपोर्ट
OBC आयोग को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना में स्थानीय निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं में OBC आरक्षण को लेकर सिफारिशी रिपोर्ट तैयार करनी है। इसी उद्देश्य से पूरे प्रदेश में सामाजिक और जनसंख्या संबंधी आंकड़े जुटाने के लिए यह सर्वे कराया जा रहा है।
अगस्त के दूसरे सप्ताह तक आ सकती है रिपोर्ट
आयोग की योजना अगस्त के दूसरे सप्ताह तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने की है। यदि रिपोर्ट समय पर मिल जाती है तो राज्य निर्वाचन आयोग अगस्त के अंत या सितंबर की शुरुआत में पंचायत और नगर निकाय चुनावों की घोषणा कर सकता है। सरकार की तैयारी नवंबर तक दोनों चुनाव संपन्न कराने की है।
हाईकोर्ट की समयसीमा पूरी होना मुश्किल
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 31 जुलाई तक पंचायत और नगर निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि OBC आयोग की रिपोर्ट लंबित होने के कारण यह समयसीमा पूरी होती नहीं दिख रही है। सरकार का कहना है कि आयोग की रिपोर्ट के बिना OBC आरक्षण तय नहीं किया जा सकता और आरक्षण तय हुए बिना चुनाव कराना संभव नहीं है।
अवमानना याचिका भी लंबित
इस बीच कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने चुनाव में देरी को लेकर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर रखी है। सरकार समयसीमा बढ़ाने के लिए अदालत में आवेदन करने की तैयारी कर रही है। वहीं संयम लोढ़ा ने कैविएट दायर की है, जिसके चलते अदालत सरकार की किसी भी याचिका पर फैसला लेने से पहले उनका पक्ष भी सुनेगी।
अब प्रदेश की पंचायत और नगर निकाय चुनाव प्रक्रिया काफी हद तक OBC आयोग की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। सर्वे और रिपोर्ट पूरी होने के बाद ही आरक्षण का अंतिम स्वरूप तय होगा और चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।