जजों की रिटायरमेंट उम्र पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, फिलहाल 61 साल तक सेवा में रह सकेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने जजों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने से जुड़े मामले में केंद्र सरकार, सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और हाईकोर्ट्स को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए कहा कि अंतिम फैसला आने तक याचिकाकर्ता जज 61 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रह सकेंगे, यदि उन्हें पहले से रिटायर नहीं किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी।
देशभर की न्यायिक सेवाओं से जुड़े एक अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा अंतरिम आदेश जारी किया है। जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों के जजों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की मांग पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और देश के सभी हाईकोर्ट्स को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि यह मामला पूरे देश की न्यायिक व्यवस्था को प्रभावित करता है, इसलिए अंतिम फैसला लेने से पहले सभी संबंधित पक्षों को सुनना आवश्यक है।
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश दिया कि जब तक इस मामले का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता, तब तक याचिकाकर्ताओं को 61 वर्ष की आयु पूरी होने तक सेवा में बने रहने की अनुमति दी जाए, बशर्ते उन्हें पहले ही सेवा से सेवानिवृत्त न किया गया हो।
22 जुलाई को होगी अगली सुनवाई