भाजपा की संगठनात्मक संस्कृति का जीता-जागता उदाहरण देते हुए प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ऐसी एकमात्र राजनीतिक शक्ति है जहां एक सामान्य कार्यकर्ता भी मेहनत और समर्पण से शीर्ष पदों तक पहुंच सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा, "एक चाय बेचने वाले से लेकर मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री तक का सफर भाजपा की कार्यसंस्कृति और अवसरों की समानता को दर्शाता है।" उन्होंने जोर दिया कि पार्टी में "नेशन फर्स्ट" का सिद्धांत सर्वोपरि है, जबकि अन्य दलों में परिवार या व्यक्ति सर्वोच्च होता है।
नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा ने अपने संबोधन में युवा शक्ति को आगामी चुनौतियों के लिए तैयार करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि भाजयुमो आगामी पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनावों में पूरी ताकत से मैदान में उतरेगा। युवाओं की भूमिका सिर्फ चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को हर बूथ, हर गांव और हर युवा तक पहुंचाने में भी अग्रणी भूमिका निभाएगी।
शंकर गोरा ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा घोषित एक लाख सरकारी नौकरियों के भर्ती कैलेंडर को हर युवा तक पहुंचाने को प्राथमिकता बताया। साथ ही, संगठन में युवाओं को जिम्मेदारियां देकर नेतृत्व विकास पर फोकस करने की बात कही। उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके शासनकाल में 19 बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है और कई आरोपी जेल में हैं, जो सरकार की नीयत और नीति की मजबूती दिखाता है।
मदन राठौड़ ने राजस्थान में डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने ईआरसीपी योजना के आगे बढ़ने, यमुना जल समझौते, किसानों को दिन में बिजली, पेपर लीक पर अंकुश, राइजिंग राजस्थान के माध्यम से निवेश आकर्षण, रेलवे-सड़क-नहर निर्माण और ग्राम विकास जैसे कार्यों को प्रमुख उपलब्धियां बताईं। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की रफ्तार तेज हुई है और युवा इस विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगे।
शंकर गोरा का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से लंबे समय तक जुड़े रहे और प्रदेश सह मंत्री के रूप में छात्र हितों के कई आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। एबीवीपी में संगठन विस्तार, कार्यकर्ता निर्माण और वैचारिक प्रशिक्षण में उनका योगदान सराहनीय रहा। बाद में वे भाजपा में शामिल हुए और प्रदेश प्रवक्ता के रूप में पार्टी की नीतियों व सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से मीडिया और जनता के सामने रखा। उनकी जमीनी पकड़, स्पष्ट संवाद और अनुशासित कार्यशैली ने उन्हें युवाओं के बीच भरोसेमंद चेहरा बनाया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, शंकर गोरा की नियुक्ति भाजपा की रणनीति का हिस्सा है, जिसमें नई पीढ़ी के नेतृत्व को आगे लाकर संगठन को मजबूत और भविष्योन्मुखी बनाया जा रहा है। युवा मोर्चा अध्यक्ष के रूप में उनसे अपेक्षा है कि वे बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करेंगे, युवाओं को पार्टी से जोड़ेंगे और आगामी पंचायत, नगरीय निकाय, विधानसभा व लोकसभा चुनावों में युवा शक्ति को निर्णायक भूमिका दिलाएंगे।