वर्षों से सिरदर्द बना गैंग सरगना अब जेल में
राजपासा एक्ट के तहत पहली बार ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए कुरैशी गैंग के सरगना सागर कुरैशी को गिरफ्तार कर जिला कारागृह में निरुद्ध किया गया। यह कदम लगातार अपराध करने वाले हार्डकोर अपराधी के खिलाफ सख्ती का संदेश देता है, जिससे क्षेत्र में शांति की उम्मीद जगी है।
राजस्थान के झालावाड़ जिले में पुलिस ने समाज विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुरैशी गैंग के सरगना सागर कुरैशी को राजस्थान समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारक अधिनियम 2006 (राजपासा एक्ट) के तहत गिरफ्तार किया है। यह जिले में इस कानून के तहत की गई पहली कार्रवाई है, जिसने अपराधी गिरोहों के खिलाफ सख्ती बरतने का स्पष्ट संदेश दिया है।
राजपासा एक्ट: अपराधियों पर नकेल कसने का प्रभावी हथियार
झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि राजपासा एक्ट राजस्थान का एक शक्तिशाली कानून है, जो उन अपराधियों के खिलाफ इस्तेमाल किया जाता है जो बार-बार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहते हैं और समाज में भय का माहौल पैदा करते हैं। सागर कुरैशी, जो झालरापाटन थाने का हिस्ट्रीशीटर और जिला स्तर का हार्डकोर अपराधी है, के खिलाफ 28 अगस्त 2025 को जिला कलेक्टर व जिला मजिस्ट्रेट को इस्तगासा भेजा गया था। इसके आधार पर जिला कलेक्टर ने राजपासा एक्ट की शक्तियों का उपयोग करते हुए सागर कुरैशी को अधिकतम अवधि के लिए जिला कारागृह, झालावाड़ में निरुद्ध करने का आदेश दिया।
सागर कुरैशी: कुरैशी गैंग का मुखिया और उसका आपराधिक इतिहास
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, सागर कुरैशी एक कुख्यात अपराधी है, जो वर्ष 2016 से अपने गैंग के साथ मिलकर संगठित अपराधों में सक्रिय है। कुरैशी गैंग ने मारपीट, धमकी, फिरौती, हत्या का प्रयास और असहाय लोगों की संपत्ति पर कब्जा करने जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम दिया है। यह गैंग व्यापारियों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों को डराने-धमकाने के साथ-साथ अवैध रूप से धन उगाही करने में भी संलिप्त रहा है। सागर कुरैशी अपने सह-अपराधियों के साथ मिलकर आर्थिक लाभ के लिए संगठित अपराधों को बढ़ावा देता रहा है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था।