रविंद्र सिंह भाटी का दौसा दौरा: सियासी शतरंज में नया दांव, बीजेपी से जुड़ाव और बृजेश सिंह का साया

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor
April 3, 2025 • 11:17 AM  2.7k
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रविंद्र सिंह भाटी का दौसा दौरा: सियासी शतरंज में नया दांव, बीजेपी से जुड़ाव और बृजेश सिंह का साया
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रविंद्र सिंह भाटी का दौसा दौरा: सियासी शतरंज में नया दांव, बीजेपी से जुड़ाव और बृजेश सिंह का साया

रविंद्र सिंह भाटी का दौसा दौरा: सियासी शतरंज में नया दांव, बीजेपी से जुड़ाव और बृजेश सिंह का साया

**दौसा, 2 अप्रैल 2025:** राजस्थान की सियासत में अपनी बेबाकी, युवा जोश और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए मशहूर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने मंगलवार को दौसा जिले में एक ऐसा कदम उठाया, जिसने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया। उन्होंने बसवा में महाराणा सांगा की स्मारक स्थली पर श्रद्धांजलि अर्पित की और रास्ते में भंडाना गांव में स्वर्गीय राजेश पायलट के स्मारक पर भी पुष्पांजलि दी। इस दौरे में उनके साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व एमएलसी और पूर्वांचल के कद्दावर नेता बृजेश सिंह की मौजूदगी ने इस घटना को और रहस्यमयी बना दिया। गुर्जर बेल्ट में भाटी की पहली एंट्री, उनके साथ उमड़ा अपार जनसैलाब और बृजेश सिंह जैसे प्रभावशाली चेहरे का साथ सवाल उठा रहा है कि क्या यह महज एक श्रद्धांजलि यात्रा थी, या इसके पीछे सियासत का कोई गहरा खेल छिपा है? भाटी की यह चाल न केवल राजस्थान, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गई है।

#### **गुर्जर बेल्ट में पहली एंट्री: सियासी मायने और संदेश**
रविंद्र सिंह भाटी का दौसा दौरा उनकी सियासी महत्वाकांक्षा का एक नया और साहसिक कदम है। दौसा, जो गुर्जर समुदाय का गढ़ और कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है, वहां भाटी का कदम रखना अपने आप में एक बड़ा संकेत है। राजेश पायलट के स्मारक पर उनकी मौजूदगी और वहां उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि वे गुर्जर वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। राजस्थान की सियासत में गुर्जर समुदाय का प्रभाव किसी से छिपा नहीं है, और भाटी का यह कदम उनकी लोकप्रियता को पश्चिमी राजस्थान से पूर्वी राजस्थान तक फैलाने की रणनीति का हिस्सा लगता है। विधानसभा में वे बार-बार बीजेपी नेताओं की ओर इशारा करते हुए कहते हैं, "मैं आपका अपना हूं, आप मानते नहीं।" यह बयान उनकी भावनात्मक अपील का हिस्सा है, लेकिन दौसा में उनकी यह एंट्री क्या बीजेपी को यह संदेश दे रही है कि वे अब पूरे प्रदेश में अपनी सियासी जमीन तैयार करने में जुट गए हैं? उनके समर्थकों का मानना है कि यह दौरा उनकी स्वतंत्र छवि को और मजबूत करने के साथ-साथ एक बड़े नेता के रूप में उनकी पहचान स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है।

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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