आज के समय में त्वचा की देखभाल (Skincare) केवल सौंदर्य तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह स्वास्थ्य से भी सीधे जुड़ी हुई है। त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों से बचाव के लिए सनस्क्रीन का नियमित उपयोग बेहद जरूरी हो गया है। विशेष रूप से एसपीएफ 30 से 50 (SPF 30-50) वाली ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन को दैनिक स्किनकेयर रूटीन का अनिवार्य हिस्सा माना जा रहा है।
सूर्य से निकलने वाली UVA और UVB दोनों प्रकार की किरणें त्वचा को अलग-अलग तरह से नुकसान पहुंचाती हैं। UVA किरणें त्वचा की गहरी परतों तक पहुंचकर समय से पहले झुर्रियां, फाइन लाइन्स और एजिंग की समस्या पैदा कर सकती हैं। वहीं UVB किरणें सनबर्न, लालिमा और त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार होती हैं।
लंबे समय तक बिना सुरक्षा के धूप में रहने से त्वचा का रंग असमान हो सकता है, पिग्मेंटेशन बढ़ सकता है और त्वचा कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
SPF 30-50 वाली सनस्क्रीन सबसे बेहतर
डर्मेटोलॉजिस्ट्स का मानना है कि SPF 30 से 50 वाली सनस्क्रीन अधिकांश लोगों के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करती है। SPF 30 लगभग 97% UVB किरणों को रोक सकता है, जबकि SPF 50 इससे भी अधिक सुरक्षा देता है। हालांकि केवल अधिक SPF चुनना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही मात्रा में और सही समय पर सनस्क्रीन लगाना भी जरूरी है बाहर निकलने से कम से कम 15 से 20 मिनट पहले सनस्क्रीन लगानी चाहिए और यदि लंबे समय तक धूप में रहना हो तो हर दो से तीन घंटे में दोबारा लगाना चाहिए।
घर के अंदर भी जरूरी है सनस्क्रीन
कई लोग मानते हैं कि सनस्क्रीन केवल बाहर जाने पर लगानी चाहिए, लेकिन विशेषज्ञ इस धारणा को गलत बताते हैं। UVA किरणें खिड़कियों के शीशों से होकर भी त्वचा तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट भी त्वचा पर प्रभाव डाल सकती है। इसलिए घर के अंदर काम करने वाले लोगों को भी सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है।
टैनिंग और समय से पहले बुढ़ापे से बचाव
नियमित रूप से सनस्क्रीन का उपयोग करने से टैनिंग, सनबर्न, डार्क स्पॉट्स और पिग्मेंटेशन जैसी समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। साथ ही यह त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने और समय से पहले आने वाली झुर्रियों को कम करने में भी मदद करती है। यही कारण है कि त्वचा विशेषज्ञ सनस्क्रीन को एंटी-एजिंग स्किनकेयर का सबसे महत्वपूर्ण उत्पाद मानते हैं।
सही सनस्क्रीन कैसे चुनें?
विशेषज्ञों के अनुसार सनस्क्रीन खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए: SPF 30 से 50 के बीच का उत्पाद चुनें। "Broad Spectrum" लिखा होना चाहिए ताकि UVA और UVB दोनों से सुरक्षा मिले। तैलीय त्वचा के लिए जेल या मैट फिनिश सनस्क्रीन बेहतर होती है। शुष्क त्वचा वाले लोग मॉइस्चराइजिंग गुणों वाली सनस्क्रीन चुन सकते हैं। पानी या पसीने में अधिक समय बिताने वालों के लिए वॉटर-रेसिस्टेंट सनस्क्रीन उपयुक्त रहती है।
बढ़ती जागरूकता से बढ़ रही मांग
स्किनकेयर के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण भारत सहित दुनिया भर में सनस्क्रीन की मांग तेजी से बढ़ रही है। लोग अब इसे केवल गर्मियों का उत्पाद नहीं बल्कि पूरे साल उपयोग में आने वाली त्वचा सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन मानने लगे हैं।