निष्कासित नेताओं की वापसी की कोशिश नाकाम,एयरपोर्ट पर अमीन खान हुए नाराज कईयों को सुनाई खरी खोटी
बाड़मेर में आयोजित जय हिंद सभा में निष्कासित नेताओं अमीन खान और मेवाराम जैन की पार्टी में वापसी को लेकर विवाद छिड़ गया। समर्थकों की भीड़ से बचने के लिए कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने रास्ता बदला, जिससे नाराजगी बढ़ी। गोविंद सिंह डोटासरा ने हस्तक्षेप किया, लेकिन हरीश चौधरी के सख्त रुख और अमीन खान की जिद से बातचीत बेनतीजा रही। सभा में अशोक गहलोत, सचिन पायलट, रणदीप सुरजेवाला जैसे नेता शामिल थे, लेकिन गुटबाजी ने कांग्रेस की एकता पर सवाल उठाए।
बाड़मेर में सोमवार को आयोजित कांग्रेस की जय हिंद सभा चर्चा का केंद्र बन गई और चर्चा का कारण सभा में उठाए गए मुद्दों से ज्यादा निष्कासित नेताओं अमीन खान और मेवाराम जैन के समर्थकों का गुस्सा और पार्टी के भीतर की गुटबाजी रहा। इस सभा में कांग्रेस के दिग्गज नेताओ रणदीप सिंह सुरजेवाला सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, और टीकाराम जूली शामिल थे लेकिन सभा से इतर, अमीन खान और मेवाराम जैन की पार्टी में वापसी को लेकर छिड़ा विवाद सुर्खियों में रहा।
कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक अमीन खान और मेवाराम जैन के समर्थक अपनी ताकत दिखाने और नेताओं को पार्टी में वापस शामिल करवाने के लिए बड़ी संख्या में उतरलाई एयरबेस के पास ओवरब्रिज के पास पहुंचे। समर्थकों के हाथों में साफे और मालाएं थीं, और वे कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की उम्मीद में जुटे थे। इन नेताओं को लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते और चरित्रहीनता के आरोप पर निष्कासित किया गया था अब और अब उनकी वापसी की मांग जोर पकड़ रही थी। समर्थकों का इरादा शक्ति प्रदर्शन कर हाईकमान का ध्यान अपनी ओर खींचने का था। लेकिन उससे पहले कांग्रेस के बड़े नेताओं ने समर्थकों की इस भीड़ से मिलने से परहेज किया। नेताओं ने उतरलाई एयरपोर्ट से सभा स्थल तक जाने का प्रस्तावित रास्ता बदल दिया और दूसरे रूट से सभा स्थल पहुंचे। इस कदम से अमीन खान और मेवाराम जैन के समर्थकों में भारी नाराजगी फैल गई। समर्थकों ने इसे अपमान के तौर पर लिया और कुछ ने हरीश चौधरी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। सोशल मीडिया पर इस घटना ने तूल पकड़ा, और बाड़मेर में कांग्रेस की गुटबाजी एक बार फिर चर्चा में आ गई।
जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और बाड़मेर में विवाद बढ़ता दिखा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने तुरंत मेवाराम जैन को फोन किया। उन्होंने दोनों निष्कासित नेताओं को सभा के बाद उतरलाई एयरपोर्ट पर मुलाकात के लिए बुलाया। हालांकि, इस मुलाकात में भी नाटकीय मोड़ आया। अमीन खान ने साफ तौर पर कह दिया कि जब तक हरीश चौधरी वहां मौजूद हैं, वे कोई बातचीत नहीं करेंगे। इस जिद के चलते डोटासरा को कमरे से बाहर आकर अमीन खान से बात करनी पड़ी। लेकिन उनकी बातचीत से अमीन खान संतुष्ट नहीं हुए। सूत्रों के मुताबिक, डोटासरा ने दोनों नेताओं से कहा कि पहले स्थानीय स्तर पर सहमति बनाएं, उसके बाद ही उनकी घर वापसी पर विचार किया जाएगा।