जयपुर एयरपोर्ट में गिरावट: महंगी UDF फीस और कमजोर कनेक्टिविटी से फ्लाइट्स व यात्रियों की संख्या घटी, लखनऊ-गुवाहाटी से भी पीछे

जयपुर एयरपोर्ट, जो पहले तेजी से बढ़ते हवाई यातायात और पर्यटन का प्रमुख केंद्र माना जाता था, अब यात्रियों और फ्लाइट्स की संख्या में गिरावट का सामना कर रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार यह एयरपोर्ट अब लखनऊ और गुवाहाटी जैसे शहरों से भी पीछे हो गया है। सीमित रूट कनेक्टिविटी, कम अंतरराष्ट्रीय उड़ानें और धीमा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास इसकी प्रमुख वजहें हैं। इसके साथ ही महंगी User Development Fee (UDF) भी यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है, जिससे हवाई यात्रा महंगी हो गई है और यात्री अन्य विकल्प चुनने लगे हैं। इसका सीधा असर जयपुर के एयर ट्रैफिक, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।

TEAM KHATAK
TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor
April 14, 2026 • 4:13 PM  4
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
जयपुर एयरपोर्ट में गिरावट: महंगी UDF फीस और कमजोर कनेक्टिविटी से फ्लाइट्स व यात्रियों की संख्या घटी, लखनऊ-गुवाहाटी से भी पीछे
“जयपुर एयरपोर्ट में गिरावट: महंगी UDF फीस और कमजोर कनेक्टिविटी से फ्लाइट्स व यात्रियों की संख्या घटी, लखनऊ-गुवाहाटी से भी पीछे”
Favicon
Read more on thekhatak.com
14 Apr 2026
https://thekhatak.com/Jaipur-airport-flight-decline-udf-fee-impact-Lucknow-Guwahati
Google News
Copied
जयपुर एयरपोर्ट में गिरावट: महंगी UDF फीस और कमजोर कनेक्टिविटी से फ्लाइट्स व यात्रियों की संख्या घटी, लखनऊ-गुवाहाटी से भी पीछे

राजस्थान की राजधानी जयपुर का एयरपोर्ट, जो कभी तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर और पर्यटन का मजबूत केंद्र माना जाता था, अब धीरे-धीरे अपनी स्थिति खोता जा रहा है। हालिया आंकड़े बताते हैं कि जयपुर एयरपोर्ट अब देश के कुछ तेजी से विकसित हो रहे हवाई अड्डों से पीछे हो गया है, जिनमें Lucknow और Guwahati जैसे शहर प्रमुख रूप से आगे निकल चुके हैं। यह स्थिति राजस्थान की अर्थव्यवस्था और पर्यटन दोनों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।

वर्तमान में जयपुर एयरपोर्ट पर लगभग 377 साप्ताहिक उड़ानें संचालित हो रही हैं, जबकि Lucknow में यह संख्या करीब 408 और Guwahati में लगभग 414 फ्लाइट्स तक पहुंच चुकी है। यह अंतर साफ दिखाता है कि जयपुर की एयर कनेक्टिविटी अन्य शहरों की तुलना में कमजोर होती जा रही है, जबकि दूसरे शहर लगातार अपनी एविएशन क्षमता को मजबूत कर रहे हैं।

इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण सीमित रूट कनेक्टिविटी और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कमी है। जयपुर में नए घरेलू और इंटरनेशनल रूट्स का विस्तार अपेक्षाकृत धीमा रहा है, जिससे एयरलाइंस की रुचि और यात्रियों की संख्या दोनों प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की रफ्तार भी अन्य बड़े शहरों की तुलना में कम मानी जा रही है।

TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter