सुवा दाई मां : मातृत्व की मिसाल बनीं मूक नायिका का उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया सम्मान ।

मातृ दिवस 2025 के अवसर पर राजस्थान के अजमेर जिले के कोटड़ी गांव की 85 वर्षीय सुवा दाई मां को उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सम्मानित किया। 61 वर्षों में 2800 से अधिक सुरक्षित प्रसव करवाने वाली सुवा दाई मां को मातृत्व की मूक नायिका और मातृ सेवा की जीवंत प्रतिमा बताया गया। उनके निःस्वार्थ समर्पण और त्याग ने हजारों परिवारों में खुशियाँ बिखेरीं। यह कहानी मातृत्व, सेवा और सामाजिक बदलाव की प्रेरक मिसाल है

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor
May 12, 2025 • 11:42 AM  26
राजस्थान
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सुवा दाई मां : मातृत्व की मिसाल बनीं मूक नायिका का उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया सम्मान ।
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सुवा दाई मां : मातृत्व की मिसाल बनीं मूक नायिका का उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया सम्मान ।

सुवा दाई मां: मातृत्व की मूक नायिका, जिन्होंने रचे जीवन के हजारों अध्याय

अजमेर, 11 मई 2025: मातृ दिवस के अवसर पर राजस्थान के अजमेर जिले के रूपनगढ़ के कोटड़ी गांव में एक ऐसी शख्सियत को सम्मानित किया गया, जिनके हाथों ने न केवल जीवन को जन्म दिया, बल्कि हजारों परिवारों में खुशियों की सौगात बिखेरी। 85 वर्षीय सुवा दाई मां, जिन्हें मातृत्व की जीवंत प्रतिमा कहा जा रहा है, अपने छह दशकों के निःस्वार्थ सेवा के सफर में 2800 से अधिक बच्चों का सुरक्षित प्रसव करवाकर एक अनुपम मिसाल कायम की है। इस खास मौके पर राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सुवा दाई मां को सम्मानित कर उनके त्याग, समर्पण और मातृ शक्ति को नमन किया।

एक मूक नायिका की प्रेरक कहानी

सुवा दाई मां की कहानी किसी परीकथा से कम नहीं है। 24 वर्ष की उम्र से उन्होंने मातृ सेवा का यह सफर शुरू किया था, जब चिकित्सा सुविधाएं गाँवों में न के बराबर थीं। उस दौर में, जब प्रसव के दौरान जोखिम अधिक होते थे, सुवा दाई मां ने अपने अनुभव, धैर्य और ममता से न केवल बच्चों को सुरक्षित जन्म दिया, बल्कि माताओं को भी जीवनदान दिया। उनके हाथों ने नन्हे-मुन्हे बच्चों की किलकारियों से असंख्य घरों को आबाद किया।

सुवा दाई मां की सेवा का दायरा केवल प्रसव तक सीमित नहीं रहा। वह हर उस माँ के लिए एक सहारा बनीं, जो गर्भावस्था के दौरान डर और अनिश्चितता से घिरी होती थी। उनकी सादगी, सहानुभूति और समर्पण ने उन्हें गाँव की हर गली में "मां" का दर्जा दिलाया। उनके इस योगदान ने उन्हें एक ऐसी नायिका बना दिया, जो बिना किसी शोर-शराबे के समाज के लिए अनमोल कार्य करती रही।

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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