अजमेर में साइबर ठगी का सनसनीखेज वारदात: फर्जी मेल से बैंक मैनेजर को लूटा, 28.77 लाख का चूना!

अजमेर में एचडीएफसी बैंक के मैनेजर अभिषेक माहेश्वरी को साइबर ठगों ने फर्जी मेल और कॉल के जरिए 28.77 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया। ठग ने खुद को कार्गो मोटर राजस्थान प्राइवेट लिमिटेड का कर्मचारी बताकर चेक बुक खत्म होने की बात कही और कंपनी के लेटरपैड पर फर्जी मेल भेजा। मैनेजर ने रिकॉर्ड मिलान के बाद तीन बार में रकम ट्रांसफर की, लेकिन कंपनी ने लेनदेन से इनकार किया। शिकायत पर एसपी वंदिता राणा के आदेश से साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

Web Desk
Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
June 7, 2025 • 7:37 PM  14
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
अजमेर में साइबर ठगी का सनसनीखेज वारदात: फर्जी मेल से बैंक मैनेजर को लूटा, 28.77 लाख का चूना!
“अजमेर में साइबर ठगी का सनसनीखेज वारदात: फर्जी मेल से बैंक मैनेजर को लूटा, 28.77 लाख का चूना!”
Favicon
Read more on thekhatak.com
7 Jun 2025
https://thekhatak.com/ajmer-cyber-fraud-bank-manager-duped-28-lakh-fake-email
Google News
Copied
अजमेर में साइबर ठगी का सनसनीखेज वारदात: फर्जी मेल से बैंक मैनेजर को लूटा, 28.77 लाख का चूना!

अजमेर शहर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक प्राइवेट बैंक के मैनेजर को वाहन डीलर के नाम से फर्जी मेल भेजकर 28 लाख 77 हजार 490 रुपये की ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया गया। बैंक मैनेजर ने इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक (एसपी) वंदिता राणा को दी, जिनके निर्देश पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।

साइबर थाने के वृत्ताधिकारी नेमीचंद ने बताया कि बी.के. कॉल नगर, अम्बे विहार कॉलोनी निवासी अभिषेक माहेश्वरी ने शिकायत दर्ज कराई। माहेश्वरी सूचना केंद्र चौराहा स्थित एचडीएफसी बैंक की केंद्रीय शाखा में मैनेजर हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को कार्गो मोटर राजस्थान प्राइवेट लिमिटेड का कर्मचारी बताया और कहा कि कंपनी की चेक बुक खत्म हो गई है। कॉलर ने कंपनी के लेटरपैड पर रकम ट्रांसफर करने के लिए ई-मेल भेजने की बात कही।

माहेश्वरी ने बैंक का ई-मेल चेक किया, जिसमें कंपनी के लेटरपैड पर डायरेक्टर के हस्ताक्षर थे। उन्होंने कंपनी के पूर्व रिकॉर्ड से मिलान करने के बाद तीन बार में कुल 28 लाख 77 हजार 490 रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर दिया। हालांकि, भुगतान के बाद कंपनी का मूल लेटरपैड प्राप्त नहीं हुआ। संदेह होने पर माहेश्वरी ने कार्गो मोटर्स के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर संपर्क किया, जहां कंपनी ने किसी भी लेनदेन की जानकारी से इनकार कर दिया।

Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Web Desk The Khatak

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter