दो परिवारों के बीच पुरानी दुश्मनी ने लिया खूनी रूप: तलवार-गंडासों से हमला, चार लोग गंभीर रूप से घायल; कोटा के एमबीएस अस्पताल में भर्ती
राजस्थान के बारां जिले के बेंगना गांव में पुरानी रंजिश के चलते दो परिवारों के बीच देर रात खूनी संघर्ष हुआ। तलवार और गंडासों से हमले में एक परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को कोटा के एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और शांति बनाए रखने के लिए गांव में फोर्स तैनात की गई है।
बारां, 10 दिसंबर 2025: राजस्थान के बारां जिले में पुरानी रंजिश ने एक बार फिर हिंसक रंग ले लिया है। सदर थाना क्षेत्र के बेंगना गांव में देर रात दो परिवारों के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते तलवारों और गंडासों से लैस हमले में तब्दील हो गई। इस खूनी संघर्ष में एक ही परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें तत्काल कोटा के महात्मा गांधी (एमबीएस) अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच पुराने विवाद की जड़ें इतनी गहरी हैं कि गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
घटना का पूरा विवरण: घात लगाकर किया गया हमला बेंगना गांव, जो बारां शहर से महज कुछ किलोमीटर दूर स्थित एक शांत ग्रामीण इलाका है, रात के सन्नाटे में अचानक हिंसा की चपेट में आ गया। पीड़ित पक्ष के एक सदस्य दिलखुश मीणा ने बताया कि यह हमला सुनियोजित था। "गांव के कुछ लोग पहले से ही रास्ते में छिपे हुए थे। मेरे ताऊ रामेश्वर मीणा (45 वर्ष) और बड़े भाई रामकिशन, भूपेंद्र तथा राजकुमार खेत से लौट रहे थे। तभी अंधेरे का फायदा उठाते हुए हमलावरों ने तलवारें और गंडासे निकाल लिए और बेरहमी से वार करना शुरू कर दिया। हम भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हमलावरों ने घेर लिया। यह सब पुरानी दुश्मनी का नतीजा था, जो छोटी-मोटी बातों से भड़क जाती है।"दिलखुश के अनुसार, हमला इतना तेज था कि चारों पीड़ितों को गंभीर चोटें आईं। रामेश्वर मीणा को सिर और कंधे पर गहरे कट लगे, जबकि रामकिशन को हाथ और कमर में चोटें आईं। भूपेंद्र और राजकुमार को भी पेट और पैरों पर वार झेलने पड़े। ग्रामीणों ने किसी तरह घायलों को एक ट्रैक्टर पर लादकर कोटा के एमबीएस अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत सर्जरी रूम में भेज दिया। वर्तमान में तीन घायलों का इलाज चल रहा है, जबकि एक की हालत स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि घावों में संक्रमण का खतरा है, इसलिए एंटीबायोटिक्स और ब्लड ट्रांसफ्यूजन की व्यवस्था की गई है।