बाड़मेर में राजनीतिक बयानबाजी का दौर तेज: भाजपा नेता स्वरूपसिंह खारा ने विधायक रविंद्र सिंह भाटी पर लगाए गंभीर आरोप, भाटी ने दिया मुस्कुराते हुए पलटवार
बाड़मेर में भाजपा नेता स्वरूपसिंह खारा ने निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी पर परिवार की तीन पीढ़ियों का कांग्रेसी होना और भाजपा का दुपट्टा बबूल में फेंकने का आरोप लगाया। भाटी ने शांतिपूर्ण अंदाज में पलटवार करते हुए कहा कि कई लोग उनके नाम की टीआरपी ले रहे हैं, लेने दो-लूटने दो। उन्होंने परिवार की सरकारी नौकरियों का जिक्र कर आरोपों को खारिज किया और जनता के समर्थन पर भरोसा जताया।
बाड़मेर जिले में इन दिनों राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर जोरों पर है। शिव विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष तथा वरिष्ठ नेता स्वरूपसिंह खारा के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। स्वरूपसिंह खारा ने भाटी के परिवार पर कांग्रेस से तीन पीढ़ियों तक जुड़े होने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाटी ने भाजपा केवल पांच दिनों के लिए जॉइन की थी और बाद में पार्टी का दुपट्टा हाईवे किनारे बबूल की झाड़ियों में फेंक दिया था। इस बयान के बाद भाटी ने शांतिपूर्ण लेकिन तीखे अंदाज में पलटवार किया, आरोपों को हंसते हुए टाल दिया और कहा कि कई लोग उनके नाम की टीआरपी ले रहे हैं, तो लेने दो, लूटने दो।
स्वरूपसिंह खारा का आरोप: "भाटी का परिवार कांग्रेसी, भाजपा से सिर्फ पांच दिन का नाता" भाजपा नेता स्वरूपसिंह खारा ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में रविंद्र सिंह भाटी पर गंभीर आरोप लगाए। खारा ने कहा कि भाटी का पूरा परिवार आजादी से लेकर अब तक कांग्रेस से जुड़ा रहा है। उनके दादा कांग्रेस से उपप्रधान रहे, चाचा कांग्रेस के डेलीगेट थे और परिवार की तीन पीढ़ियां कांग्रेस की विचारधारा से जुड़ी रहीं। खारा ने सवाल उठाया कि "रविंद्र सिंह भाटी आखिर कब से भाजपा के हो गए?"खारा ने आगे आरोप लगाया कि 2023 विधानसभा चुनाव से पहले भाटी ने केवल औपचारिकता निभाने के लिए भाजपा जॉइन की थी। गुड़गांव हाईवे पर जाते समय उन्होंने भाजपा का दुपट्टा बबूल की झाड़ियों में फेंक दिया। खारा ने इसे "पांच दिन का खेल" करार देते हुए कहा कि ऐसे लोग न तो विचारधारा के प्रति ईमानदार होते हैं और न ही जनता के प्रति। यह बयान खारा ने स्थानीय लोगों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचने के दौरान दिया, जहां वे राष्ट्रपति अवॉर्ड से संबंधित प्रशासनिक कार्यों पर धन्यवाद देने आए थे।यह आरोप कोई नई बात नहीं है। 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान भी खारा ने भाटी पर इसी तरह के बयान दिए थे, जब भाटी ने भाजपा टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़कर खारा को ही हराया था। उस चुनाव में भाटी ने भाजपा उम्मीदवार स्वरूपसिंह खारा की जमानत जब्त करवा दी थी।