बाड़मेर में किसान ने खेत के नीम के पेड़ पर लगाई फांसी: पांच बेटियों का था पिता, भजन गायक था धर्मदास; भाई ने बताया- कई महीनों से मानसिक तनाव में था
बाड़मेर के गुड़ामालानी में 5 बेटियों के पिता और भजन गायक धर्मदास ने मानसिक तनाव के चलते खेत में नीम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। भाई जेठदास ने बताया कि वह कई महीनों से डिप्रेशन में था। पुलिस जांच कर रही है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पांच बेटियों के पिता और प्रसिद्ध भजन गायक धर्मदास ने बुधवार शाम अपने खेत में एक नीम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के भाई जेठदास ने बताया कि धर्मदास पिछले कई महीनों से गहरे मानसिक तनाव से जूझ रहा था, जिसके कारण उसने यह कदम उठा लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सभी पहलुओं की गहन जांच शुरू कर दी है।
घटना का पूरा विवरण: घटना गुड़ामालानी तहसील के सारण की ढाणी स्थित गादेवी गांव की है। 35 वर्षीय धर्मदास एक मेहनती किसान थे, जो अपने छोटे से खेत पर निर्भर थे। वे न केवल खेतीबाड़ी से जुड़े थे, बल्कि इलाके में भजन गायकी के लिए भी काफी मशहूर थे। उनके भजनों की धुनें गांव-गांव में गूंजती थीं, और वे अक्सर धार्मिक आयोजनों में अपनी प्रस्तुति देते थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों से उनकी जिंदगी में एक अजीब सी उदासी छाई हुई थी। परिवार के सदस्यों के अनुसार, आर्थिक तंगी, खेती की बिगड़ती हालत और पारिवारिक जिम्मेदारियों ने उन्हें बुरी तरह तोड़ दिया था।बुधवार की शाम को धर्मदास जैसे ही अपने खेत पर काम करने के लिए निकले, तो किसी को यह अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी शाम साबित होगी। शाम ढलते-ढलते रात हो गई, लेकिन धर्मदास घर नहीं लौटे। चिंतित परिजनों ने सबसे पहले पड़ोसियों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार, मृतक के भाई जेठदास और अन्य परिजन खेत की ओर चल पड़े। वहां पहुंचते ही उनके पैर जमीन पर जम गए। खेत के बीचों-बीच खड़े एक विशाल नीम के पेड़ से धर्मदास का शव लटका हुआ था। फंदे का साया देखते ही पूरा परिवार सन्न रह गया। चीखें और रोने की आवाजें गांव की शांति को चीरती रहीं।