बाड़मेर: बॉर्डर के रामसर रेलवे स्टेशन पर भटक रहे मंदबुद्धि युवक को पुलिस ने पकड़ा, अभियान 'मिलाप' के तहत परिजनों को सौंपा

बाड़मेर के रामसर रेलवे स्टेशन पर भटक रहे मंदबुद्धि युवक अर्जुन राम को पुलिस ने अभियान मिलाप के तहत सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने पुलिस का आभार जताया और उनके चेहरे पर खुशी छा गई।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 22, 2025 • 11:52 AM  200
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बाड़मेर: बॉर्डर के रामसर रेलवे स्टेशन पर भटक रहे मंदबुद्धि युवक को पुलिस ने पकड़ा, अभियान 'मिलाप' के तहत परिजनों को सौंपा
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बाड़मेर: बॉर्डर के रामसर रेलवे स्टेशन पर भटक रहे मंदबुद्धि युवक को पुलिस ने पकड़ा, अभियान 'मिलाप' के तहत परिजनों को सौंपा

बाड़मेर, 22 नवंबर 2025: राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में रामसर थाना पुलिस ने एक संवेदनशील और मानवीय कार्य किया है। स्पेशल अभियान 'मिलाप' के तहत पुलिस ने मंदबुद्धि युवक अर्जुन राम को खोजकर उसके परिजनों के हवाले कर दिया। युवक को रामसर रेलवे स्टेशन के आसपास भटकते हुए देखा गया था, जहां उसे सुरक्षित हिरासत में लेने के बाद तत्काल पूछताछ की गई। इस घटना ने न केवल परिजनों को राहत दी, बल्कि स्थानीय समुदाय में पुलिस की तारीफ की लहर भी पैदा कर दी।

घटना का विवरण: स्टेशन पर भटकते युवक की तलाश रामसर, जो भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, वहां की हलचल भरी जिंदगी में एक मंदबुद्धि युवक का अकेले भटकना किसी चमत्कार से कम नहीं था। अर्जुन राम, जो बाड़मेर जिले के एक ग्रामीण इलाके का निवासी है, पिछले कई दिनों से लापता था। उसके परिजन चिंता में डूबे हुए थे और हर संभव जगह तलाश कर रहे थे। अचानक, रामसर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म और आसपास के क्षेत्र में युवक को इधर-उधर घूमते हुए स्थानीय लोगों ने देखा।जानकारी मिलते ही रामसर थाना प्रभारी ने तुरंत एक विशेष टीम गठित की। अभियान 'मिलाप'—जो खोए हुए व्यक्तियों, खासकर कमजोर वर्गों जैसे मंदबुद्धि या बुजुर्गों को उनके अपनों तक पहुंचाने के लिए चलाया जा रहा है—के तहत पुलिसकर्मियों ने युवक को शांतिपूर्वक हिरासत में लिया। अर्जुन राम, उम्र लगभग 25-30 वर्ष, स्थानीय भाषा में धीरे-धीरे बोल पाते हैं और उनकी मानसिक स्थिति के कारण वे दूरी तय कर लेते हैं बिना किसी को बताए। पुलिस ने उन्हें स्टेशन के आराम कक्ष में रखा और प्रारंभिक पूछताछ शुरू की।

पुलिस की तत्परता: पहचान और जांच का सफर पकड़े जाने के तुरंत बाद, पुलिस टीम ने अर्जुन राम की पहचान करने के लिए गहन जांच आरंभ की। युवक के कपड़ों, जेब में मिले सामान और उनके अस्पष्ट बयानों से सुराग जुटाए गए। रामसर थाने के अधिकारी ने बताया, "युवक को देखते ही हमें लगा कि वे कहीं से भटक आए हैं। हमने स्थानीय रेलवे अधिकारियों से भी संपर्क किया और सीसीटीवी फुटेज की जांच की। साथ ही, आसपास के गांवों और थानों में सूचना प्रसारित की।" अभियान 'मिलाप' के तहत, पुलिस ने सोशल मीडिया, स्थानीय समाचार चैनलों और व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से युवक की फोटो और विवरण साझा किया। कुछ ही घंटों में अर्जुन राम के परिजनों को सूचना मिल गई। पता चला कि अर्जुन पिछले तीन दिनों से घर से गायब थे। उनके पिता रामलाल राम, एक किसान, ने बताया, "बेटा कभी-कभी घर से निकल जाता है, लेकिन इतनी दूर कभी नहीं गया। हम थक चुके थे तलाश में। पुलिस का धन्यवाद, जिन्होंने इतनी जल्दी हमें जोड़ा।"

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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