बहन का अनमोल उपहार छोटे भाई को दी अपनी किडनी, जोधपुर में भावुक कर देने वाली सच्ची कहानी

जोधपुर एम्स में बड़ी बहन तुलछी देवी ने अपने छोटे भाई भागीरथ सियाग को अपनी एक किडनी दान की। लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित भागीरथ को बहन के त्याग से नया जीवन मिला, जो भाई-बहन के रिश्ते की दुर्लभ मिसाल है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 20, 2025 • 12:13 PM  16
राजस्थान
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बहन का अनमोल उपहार छोटे भाई को दी अपनी किडनी, जोधपुर में भावुक कर देने वाली सच्ची कहानी
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20 Nov 2025
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बहन का अनमोल उपहार छोटे भाई को दी अपनी किडनी, जोधपुर में भावुक कर देने वाली सच्ची कहानी

जोधपुर, 20 नवंबर 2025 :- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक ऐसी घटना हुई है, जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की नई मिसाल बन गई है। तिवरी मांडियाई खुर्द गांव निवासी 38 वर्षीय भागीरथ सियाग को उनकी बड़ी बहन तुलछी देवी (42) ने अपनी एक किडनी दान करके नया जीवन दिया है।लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) की गंभीर बीमारी से जूझ रहे भागीरथ की दोनों किडनियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं। पिछले कई महीनों से वह डायलिसिस पर थे और डॉक्टरों ने साफ कह दिया था कि अब किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प बचा है।परिवार में जब डोनर की तलाश शुरू हुई तो सबसे पहले बड़ी बहन तुलछी देवी ने आगे आने का फैसला किया। उन्होंने कहा, “मेरा भाई मेरे लिए सबसे कीमती है। अगर मेरी एक किडनी से उसकी जिंदगी बच सकती है तो मुझे इससे बड़ी खुशी और कुछ नहीं हो सकती।”सभी जरूरी जांच के बाद पता चला कि तुलछी देवी का टिश्यू और ब्लड ग्रुप भागीरथ से परफेक्ट मैच कर रहा है। यह अपने आप में बहुत दुर्लभ होता है, क्योंकि भाई-बहन के बीच भी 100% मैच मिलना आसान नहीं होता।एम्स जोधपुर की नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी टीम ने दोनों का सफल ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद दोनों भाई-बहन पूरी तरह स्वस्थ हैं और अब घर लौट चुके हैं। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की रिकवरी बहुत अच्छी चल रही है और आगे कोई जटिलता होने की संभावना नहीं है।डॉक्टरों का कहना है कि किडनी ट्रांसप्लांट के ज्यादातर मामलों में पत्नी, मां या भाई ही डोनर बनते हैं, लेकिन बड़ी बहन का इस तरह आगे आना बहुत कम देखने को मिलता है। यह घटना न सिर्फ परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए प्रेरणा बन गई है।ग्रामीणों ने तुलछी देवी को “जीवित देवी” कहकर सम्मान दिया है। भागीरथ भावुक स्वर में कहते हैं, “मेरी बहन ने मुझे दूसरा जीवन दिया है। इसके आगे मैं कुछ कह ही नहीं सकता।”यह सच्ची घटना एक बार फिर साबित करती है कि खून के रिश्ते और बहन-भाई का प्यार दुनिया की सबसे अनमोल चीज है।

 

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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