बीकानेर में बाल श्रम का काला कारनामा: पापड़ फैक्ट्री से 4 नाबालिगों को मुक्त कराया, मालिक पर सख्त कार्रवाई

बीकानेर के बीछवाल इंडस्ट्रियल एरिया में एक पापड़ फैक्ट्री से पुलिस ने 4 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया। बच्चे सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक बिना आराम के काम कर रहे थे। फैक्ट्री मालिक पर बाल श्रम अधिनियम व मानव तस्करी की धाराओं में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने सरकारी कैमरे से सबूत भी रिकॉर्ड किए।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 22, 2025 • 5:08 PM  15
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बीकानेर में बाल श्रम का काला कारनामा: पापड़ फैक्ट्री से 4 नाबालिगों को मुक्त कराया, मालिक पर सख्त कार्रवाई
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बीकानेर में बाल श्रम का काला कारनामा: पापड़ फैक्ट्री से 4 नाबालिगों को मुक्त कराया, मालिक पर सख्त कार्रवाई

बीकानेर, 22 नवंबर 2025: राजस्थान के बीकानेर जिले में बाल श्रम के एक दर्दनाक मामले ने समाज को झकझोर दिया है। बीछवाल इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक पापड़ बनाने वाली फैक्ट्री में कई नाबालिग बच्चों को अमानवीय परिस्थितियों में काम करवाया जा रहा था। शुक्रवार को पुलिस की टीम ने छापेमारी कर चार बाल मजदूरों को मुक्त कराया। फैक्ट्री संचालक के खिलाफ बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत सख्त मुकदमा दर्ज किया गया है। इस दौरान पुलिस ने सरकारी कैमरे से वीडियो रिकॉर्डिंग भी की, जो जांच में महत्वपूर्ण सबूत साबित होगी।

घटना का पूरा विवरण;   बीछवाल थाना क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित इस फैक्ट्री में पापड़ उत्पादन का काम चल रहा था। सूचना मिलने पर बीछवाल थाने की पुलिस टीम, जिसमें सब-इंस्पेक्टर रामस्वरूप और अन्य अधिकारी शामिल थे, ने शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे फैक्ट्री पर अचानक छापा मारा। मौके पर पहुंची टीम को फैक्ट्री के अंदर चार नाबालिग बच्चे मिले, जो 10 से 14 वर्ष की आयु के बीच के थे। ये बच्चे घंटों से पापड़ सुखाने, आटा गूंथने और पैकिंग जैसे कठिन कार्यों में लगे हुए थे।बच्चों की हालत देखकर पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। बच्चे कुपोषित थे, उनके हाथों पर घाव थे और वे थकान से चूर हो चुके थे। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि ये बच्चे पड़ोसी राज्यों से लाए गए थे और फैक्ट्री मालिक द्वारा कम वेतन के लालच में काम पर रखा गया था। बच्चे सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक बिना किसी आराम के काम कर रहे थे, जिसमें कोई सुरक्षा उपकरण या उचित भोजन की व्यवस्था नहीं थी। यह मामला बाल श्रम निषेध एवं विनियमन अधिनियम, 1986 की धारा 3 और 14 के उल्लंघन का स्पष्ट उदाहरण है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई;   पुलिस ने तुरंत सभी चार बच्चों को फैक्ट्री से बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया। मुक्त कराए गए बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया गया है, जहां उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा। साथ ही, उनके परिवारों से संपर्क साधा जा रहा है ताकि उन्हें उनके मूल स्थान पर वापस भेजा जा सके।मौके पर पहुंची टीम ने फैक्ट्री के अंदर और बाहर सरकारी वीडियो कैमरे से पूरी घटना की रिकॉर्डिंग की। इन वीडियो फुटेज में बच्चों के काम करने की स्थिति, फैक्ट्री की अस्वच्छता और मालिक के व्यवहार को कैद किया गया है। एसआई ने बताया, "यह वीडियो जांच के दौरान मजबूत सबूत के रूप में काम आएंगे। हम फैक्ट्री मालिक को जल्द गिरफ्तार करेंगे और पूरी जांच के बाद कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।"

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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