बीकानेर पीबीएम अस्पताल कैंसर वार्ड में गंभीर लापरवाही: बुजुर्ग महिला को गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाने का मामला

बीकानेर के पीबीएम अस्पताल से जुड़े आचार्य तुलसी कैंसर सेंटर में 75 वर्षीय महिला मरीज भंवरी देवी को गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाने की गंभीर लापरवाही सामने आई। मरीज की हालत बिगड़ने पर तुरंत इलाज किया गया और अब वह स्थिर हैं। अस्पताल ने दो रेजिडेंट डॉक्टरों सहित पांच कर्मचारियों को हटाया, जांच कमेटी गठित की और ब्लड ट्रांसफ्यूजन प्रोटोकॉल को सख्त करने के निर्देश दिए।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 20, 2025 • 4:05 PM  12
राजस्थान
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बीकानेर पीबीएम अस्पताल कैंसर वार्ड में गंभीर लापरवाही: बुजुर्ग महिला को गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाने का मामला
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बीकानेर पीबीएम अस्पताल कैंसर वार्ड में गंभीर लापरवाही: बुजुर्ग महिला को गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाने का मामला

राजस्थान के बीकानेर स्थित प्रिंस बिजय सिंह मेमोरियल (पीबीएम) अस्पताल से संबद्ध आचार्य तुलसी रीजनल कैंसर ट्रीटमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के कैंसर वार्ड में एक बेहद गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही का मामला सामने आया है। 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला मरीज भंवरी देवी (या भवानी देवी) को गंभीर एनीमिया (हीमोग्लोबिन की कमी) के कारण ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ी। मरीज का ब्लड ग्रुप A पॉजिटिव था, लेकिन ब्लड बैंक से B पॉजिटिव ब्लड की यूनिट सप्लाई कर दी गई, जिसे वार्ड में बिना उचित क्रॉस-चेकिंग के चढ़ा दिया गया।

घटना कैसे हुई? घटना 16-17 दिसंबर 2025 की रात की है (कुछ रिपोर्ट्स में मंगलवार रात का जिक्र)। पहली यूनिट सही ब्लड ग्रुप की चढ़ाई गई, कोई समस्या नहीं हुई। दूसरी यूनिट गलत ब्लड ग्रुप (B+) की थी। गलती का पता तब चला जब मरीज के परिजनों में से एक ने ब्लड बैग पर लिखा ग्रुप देखा और तुरंत नर्सिंग स्टाफ को अलर्ट किया। ट्रांसफ्यूजन तुरंत रोका गया, लेकिन तब तक महिला की हालत बिगड़ चुकी थी। इमरजेंसी ट्रीटमेंट के बाद महिला की हालत स्थिर हो गई। वर्तमान में वह पूरी तरह ठीक हैं और विशेष देखभाल में हैं। हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए दोबारा सही ब्लड चढ़ाया जाएगा, उसके बाद बोन मैरो की जांच होगी।एक रिपोर्ट में संदेह जताया गया कि वार्ड में एक ही नाम की दूसरी मरीज होने से कन्फ्यूजन हुआ हो।

अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई एसपी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा ने सभी विभागाध्यक्षों के साथ मीटिंग के बाद सख्त कदम उठाए: दोषी कर्मचारियों पर एक्शन: कुल पांच कर्मचारी हटाए गए और अन्य जगह ट्रांसफर किए गए।कैंसर वार्ड के दो रेजिडेंट डॉक्टर (ड्यूटी ऑफ करने वाले और आने वाले दोनों) – इन्हें कैंसर डिटेक्शन वैन में लगा दिया गया।वार्ड में उस रात ड्यूटी पर तैनात एक नर्सिंग ऑफिसर।ब्लड बैंक के एक नर्सिंग ऑफिसर और एक लैब असिस्टेंट (गलत ब्लड जारी करने के लिए जिम्मेदार)।जांच: अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रेखा आचार्य की अध्यक्षता में कमेटी गठित, विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई।राज्य सरकार को फैक्चुअल रिपोर्ट भेजी जा रही है।चिकित्सा शिक्षा विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए लिखा गया।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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